“देश – दुनिया” चीनी के बढ़ते दामों से बिगड़ा रसोई का बजट, सरसों तेल में आई उछाल ने बढ़ाई त्योहारों पर लोगों की चिंता,,,

देहरादून। चीनी के दाम बढ़ने के बाद अब सरसों के तेल की कीमतों में भी भारी उछाल आ गया है। चीनी के महंगे होने से खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों के कारण लोगों को महंगाई की दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। इसके साथ ही, पांच दिन पहले 2200 से 2300 रुपये प्रति टीन बिकने वाला सरसों का तेल अब बढ़कर 2500 रुपये प्रति टीन हो गया है और फुटकर बाजार में यह 200 रुपये प्रति किलो बिक रहा है।
🔴 मिठाइयों और पकवानों पर महंगाई का असर
चीनी और तेल के दाम अचानक बढ़ने से इनसे तैयार होने वाली मिठाइयों तथा तेल में बनने वाले पकवानों (जैसे पकोड़ी, समोसे और ब्रेड पकोड़े) के दाम भी बढ़ने की पूरी आशंका जताई जा रही है। व्यापारी सुंदर लाल और अजय अग्रवाल का कहना है कि इन आवश्यक खाद्य पदार्थों की कीमतों में तेजी आने से आम जनता की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
🔴 त्योहारों के सीजन में बढ़ी मुश्किलें

आगामी दिनों में रक्षाबंधन, भैया दूज और कृष्ण जन्माष्टमी जैसे कई प्रमुख त्योहार आने वाले हैं। इन त्योहारों के दौरान चीनी और तेल से बनने वाली मिठाइयों व पकवानों की मांग काफी अधिक रहती है, जिसके चलते लोगों को अब इन्हें काफी महंगे दामों पर खरीदना पड़ सकता है।
🔴 भारतीय बाजार के प्रमुख आंकड़े
- खुदरा कीमत (Retail Price): देश के विभिन्न प्रमुख शहरों जैसे दिल्ली, कानपुर, मुंबई और कोलकाता में चीनी और खाद्य तेल का खुदरा भाव ₹68 से ₹70 प्रति किलो/लीटर के बीच चल रहा है।
- थोक/मंडी भाव (Wholesale/Mandi Price): औसत मंडी भाव ₹6,345 प्रति क्विंटल के आसपास दर्ज किया गया है, हालांकि कुछ जगहों पर यह क्वालिटी के हिसाब से अलग-अलग है।
🔴 कीमतों में तेजी के मुख्य कारण
- त्योहारी सीजन की मांग: त्योहारों के नजदीक आते ही मीठे और अन्य खाद्य पदार्थों की खपत में अचानक बढ़ोतरी हो जाती है।
- स्टॉक की कमी: बाजार में मांग के मुकाबले पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध न होना।
- सप्लाई चेन पर दबाव: आपूर्ति श्रृंखला में रुकावटों या दबाव के कारण कीमतों में लगातार तेजी बनी हुई है।
