उत्तराखंड मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के 26 मदरसों को मान्यता प्रमाण पत्र देकर कहा- सरकार का लक्ष्य सभी वर्गों को समान अवसर देना,,,

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण की ओर से आईआरडीटी सभागार में आयोजित समारोह में 26 मदरसों को मान्यता प्रमाण पत्र प्रदान किए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य लक्ष्य सभी वर्गों को समान अवसर और आगे बढ़ने का मौका देना है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में एक नई पहल की शुरुआत हुई है, जिससे शिक्षा आधुनिक होगी, सभी के लिए होगी और समान होगी।
🟢 आधुनिक शिक्षा और व्यावहारिक ज्ञान पर जोर
मुख्यमंत्री ने आधुनिक शिक्षा को उज्ज्वल भविष्य के लिए बेहद जरूरी बताया और कहा कि यदि बच्चे आधुनिक शिक्षा प्राप्त नहीं करेंगे तो वे पीछे छूट जाएंगे। उन्होंने ज्ञान-विज्ञान, साइंस, टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और एआई (AI) अपनाने पर जोर देते हुए कहा कि केवल किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि व्यावहारिक और रोजगारपरक शिक्षा आज की आवश्यकता है।
🟢 जिम्मेदारी सरकार और संस्थानों दोनों की
धामी ने स्पष्ट किया कि अल्पसंख्यक शिक्षा में नई व्यवस्था को मजबूत करने की जिम्मेदारी सरकार और संस्थानों दोनों की है। उन्होंने आपसी सहयोग और विश्वास को महत्वपूर्ण बताते हुए शिक्षण संस्थानों से आह्वान किया कि वे आधुनिक शिक्षा का संदेश गांव-गांव तक पहुंचाएं।
🟢 मदरसा संचालकों के कथन?
जिन मदरसा संचालकों ने आज सरकार से सर्टिफिकेट लिया, उन्होंने कहा कि पुष्कर धामी की नीति और नीयत साफ है। अगर बच्चों को अच्छी शिक्षा मिलेगी तो उनका भविष्य बेहतर होगा, इसमें बुरी बात क्या है। मदरसा संचालकों का कहना है कि सरकार का यह कदम शिक्षा के लिहाज से बहुत अच्छा है। सबको बराबर शिक्षा मिल रही है, सरकारी सुविधाओं का लाभ भी मिल रहा है। जो लोग इसका विरोध कर रहे हैं उनके अपने व्यक्तिगत मामले हैं।
🟢 मदरसे कब तक करा सकते है अपना रजिस्ट्रेशन?
उत्तराखंड में मदरसों के रजिस्ट्रेशन 30 सिंतबर तक होगा। जब मदरसा बोर्ड काम कर रहा था, उस वक्त तक कुल 452 रजिस्टर्ड मदरसे थे लेकिन पिछले दो महीने में नए सिस्टम के तहत सिर्फ 33 मदसरों का रजिस्ट्रेशन हुआ है। बहुत मदरसा संचालक अभी भी नए सिस्टम का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि मदरसों का काम मजहबी तालीम देना है। सरकार धीरे-धीरे मदरसों का सिलेबस बदलकर इसे कमजोर करने की कोशिश कर रही है।
🟢 समान नागरिक संहिता और नीतियों पर स्पष्ट रुख
मुख्यमंत्री ने बिना नाम लिए कांग्रेस पर निशाना साधा और यूसीसी (समान नागरिक संहिता) का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ लोग इसे खराब कानून बताते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों का उद्देश्य किसी वर्ग को निशाना बनाना नहीं है, बल्कि समान नागरिक संहिता और अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण इसी संदर्भ का हिस्सा हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तराखंड में आपसी प्रेम और भाईचारा है, और सरकारी भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नियमानुसार की जा रही है, जिसका उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं है।
समारोह में देहरादून, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर के 26 मदरसों को मान्यता प्रमाण पत्र दिए गए। इस दौरान समाज कल्याण मंत्री सहित विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. सुरजीत सिंह गांधी, विक्रम सिंह यादव सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
