उत्तराखंड नैनीताल की खस्ताहाल सड़कों पर डीएम ललित मोहन रयाल की कड़ी नाराजगी, बोले- ‘खराब सड़कों से जिले की छवि पर पड़ता है गलत असर’,,,,,

नैनीताल: नैनीताल जिले की सड़कों की खराब दशा और जगह-जगह बने गड्ढों को लेकर जिलाधिकारी (डीएम) ललित मोहन रयाल ने भीमताल विकास भवन सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में लोक निर्माण विभाग (लोनिवि), पीएमजीएसवाई और राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई है। डीएम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सड़कों की बदहाली के कारण यहां आने वाले पर्यटकों में गलत संदेश जाता है, जिससे पर्यटक यह सोचने पर मजबूर हो जाते हैं कि यह जिला आर्थिक रूप से कमजोर या निर्धन है। उन्होंने कहा कि नैनीताल की इन सड़कों से वीआईपी (माननीय) लोग भी सफर करते हैं, बावजूद इसके सड़कों की स्थिति दयनीय बनी हुई है।
बैठक के दौरान डीएम ने लोनिवि के अधिशासी अभियंता (ईई) को ओखलकांडा के गौनियारों मोटर मार्ग को जल्द से जल्द ठीक करने के निर्देश दिए। साथ ही, आम जनता, यात्रियों और सैलानियों को किसी भी प्रकार की असुविधा से बचाने के लिए नगर व ग्रामीण क्षेत्रों की सभी क्षतिग्रस्त सड़कों को उच्च गुणवत्ता के साथ डामरीकरण कर शीघ्र गड्ढा मुक्त करने के कड़े निर्देश दिए गए।
🔴 सीएम पोर्टल की लंबित शिकायतों पर सख्त चेतावनी
समीक्षा बैठक में सीएम पोर्टल पर दर्ज जनशिकायतों के निस्तारण में हीलाहवाली बरतने वाले अधिकारियों को भी डीएम ने आड़े हाथों लिया। जिले में सीएम पोर्टल पर कुल 817 शिकायतें लंबित मिलने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई।
सर्वाधिक शिकायतें लंबित रहने वाले प्रमुख विभाग:
- शहरी विकास विभाग: 197 शिकायतें
- पेयजल निगम: 137 शिकायतें
- जल संस्थान: 117 शिकायतें
- राजस्व विभाग: 77 शिकायतें
- ऊर्जा विभाग: 53 शिकायतें
डीएम ने चेतावनी दी कि अधिकारी समस्याओं के समाधान में पूरी गंभीरता दिखाएं और उन्हें किसी भी कठोर कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई के लिए विवश न करें।
