महाराष्ट्र के अमरावती में बड़ा हादसा: वेंटिलेटर फटने से लगी भीषण आग, तीन नवजात शिशुओं की दर्दनाक मौत, 36 बच्चों की बचाई गई जान,,,,

मुंबई/अमरावती: महाराष्ट्र के अमरावती जिला महिला अस्पताल में सोमवार तड़के एक दिल दहला देने वाली दुर्घटना सामने आई है। अस्पताल की नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) में वेंटिलेटर फटने से भीषण आग लग गई, जिसकी चपेट में आने से तीन मासूम शिशुओं की मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले बच्चे मात्र 1 से 10 दिन के थे।
🔴 अस्पताल स्टाफ की सूझबूझ से बची कई जानें
हादसा सोमवार तड़के करीब 3:15 बजे हुआ। एनआईसीयू की तीसरी मंजिल पर स्थित एक वेंटिलेटर से उठी चिंगारी ने तेजी से विकराल रूप ले लिया, जिससे पूरा वार्ड जहरीले धुएं और आग की चपेट में आ गया। घटना के वक्त वार्ड में कुल 39 नवजात शिशु भर्ती थे। संकट की इस घड़ी में अस्पताल के नर्सों, डॉक्टरों और सुरक्षा गार्डों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया और जान जोखिम में डालकर 36 बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
🔴 प्रत्यक्षदर्शियों ने बयां किया खौफनाक मंजर

हादसे के शिकार बच्चों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। अचलपुर के रहने वाले योगेश ने बताया कि उनका 8 दिन का बच्चा अस्पताल में भर्ती था। आग लगने के बाद मची अफरा-तफरी के बीच जब वे पहली मंजिल पर पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि कई बच्चों के शरीर पर काली राख जमी हुई थी। वहीं, वर्धा जिले के पुलगांव की रहने वाली पूजा बोरोसे, जिनका बच्चा समय से पहले और कम वजन का होने के कारण भर्ती था, ने इस हादसे में अपना नवजात खो दिया। इसके अलावा गायत्री चौपड़े के बेटे और किरण बेटेकर की बेटी ने भी दम तोड़ दिया।
🔴 परिजनों ने उठाए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
शिशुओं के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन की लचर व्यवस्था और लापरवाही पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि अस्पताल में अग्नि सुरक्षा के इंतजाम नाकाफी थे। घटना के वक्त न तो फायर अलार्म ने काम किया और न ही स्वचालित वॉटर स्प्रे सिस्टम सक्रिय हुआ।
🔴 महाराष्ट्र सरकार का कड़ा रुख, 7 सदस्यीय जांच कमेटी गठित
घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हादसे पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए 7 सदस्यीय उच्च स्तरीय कमेटी का गठन कर दिया है, जो आग लगने के कारणों और अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था की तहकीकात करेगी।
