उत्तराखंड, प्रयागराज कुंभ में हुई सुंदर और सुविधाजनक व्यवस्था से सीख लेकर करे हरिद्वार कुंभ क्षेत्र का विस्तार- महंत कमलदास
हरिद्वार: पंचायती उदासीन अखाड़े के महंत कमलदास ने कहा है कि हरिद्वार के कुंभ को बेहतर ढंग से सजाने-संवारने के लिए प्रयागराज के स्वरूप से सीख लेनी चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि इसके लिए कुंभ क्षेत्र की व्यापकता को बनाए रखना बेहद आवश्यक है।
बारिश के बीच वर्ष 2010 का कुंभ भारी जनसैलाब के साथ उमड़ा था और आस्था का वह ध्वज आज भी लोगों को याद है। हालांकि उस दौरान हुई एक घटना से व्यवस्था पर सवाल उठे थे, लेकिन समय के साथ साल-दर-साल इसमें सुधार होता गया।
जब लोग प्रयागराज का उदाहरण देते हैं तो यह विचार करना होता है कि वहां कुंभ की दिव्यता किस प्रकार स्थापित होती है। वहां के विशाल क्षेत्र और खाली मैदान ऐसे आयोजनों को सफल बनाने के सबसे बड़े साधनों में शामिल हैं।
कांवड़ मेला और विभिन्न स्नान पर्वों के आयोजनों ने प्रशासन को यह भली-भांति सिखाया है कि धर्मनगरी के भौगोलिक विस्तार में किस तरह की बाधाओं का सामना करना पड़ता है।
अभी सही समय है कि हरिद्वार के कुंभ को भव्य रूप से सजाने और संवारने के लिए इसकी व्यापकता को कायम रखा जाए, जो इस दिशा में एक सबसे महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

