उत्तराखंड देहरादून में फर्जी प्रमाणपत्र बनाने के मामले में चार जनसेवा केंद्रों को सील कर तीन संचालकों की आईडी की निरस्त,,,

देहरादून। राजधानी देहरादून में एमबीबीएस (MBBS) के दाखिलों में फर्जी प्रमाणपत्र लगाए जाने का गंभीर मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। इसी क्रम में गुरुवार को प्रशासन की टीम ने औचक निरीक्षण कर शहर के चार जनसेवा केंद्रों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया, जबकि तीन केंद्रों के यहां से कंप्यूटर और अन्य उपकरण अपने कब्जे में ले लिए गए। इसके साथ ही तीन संचालकों की आईडी निरस्त करने की संस्तुति भी कर दी गई है।
🔴 छापेमारी के दौरान मिली कई गंभीर अनियमितताएं

प्रशासनिक टीम को निरीक्षण के दौरान जनसेवा केंद्रों में भारी गड़बड़ियां मिलीं:
- रजिस्टर का रखरखाव न होना: कई केंद्रों पर रजिस्टर अपडेट नहीं मिले, तो कुछ केंद्रों पर रजिस्टर रखे ही नहीं गए थे।
- संचालक की जगह अन्य व्यक्ति: कई केंद्रों पर खुद संचालक की बजाय दूसरा व्यक्ति काम करते हुए पाया गया।
- फर्जीवाड़े की आशंका और उपकरण जब्त: कई सेंटरों से ओरिजिनल दस्तावेज बरामद हुए हैं, जिससे बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े की आशंका जताई जा रही है। प्रशासन ने पूनम खन्ना और करण वर्मा के जनसेवा केंद्रों से सीपीयू तथा पारुल बंसल और प्राची कौशिक के केंद्रों से लैपटॉप कब्जे में ले लिए हैं।
🔴 निर्धारित शुल्क से अधिक वसूली का खेल
एसडीएम सदर ने जानकारी दी कि इन केंद्रों के खिलाफ लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि वे विभिन्न सरकारी सेवाओं के लिए निर्धारित शुल्क से कई गुना अधिक पैसे वसूल रहे हैं। उदाहरण के लिए, जिस सेवा का शुल्क 50 रुपये था, उसके लिए 100 रुपये वसूले जा रहे थे या जल्दी काम कराने का झांसा देकर आम जनता से अवैध वसूली की जा रही थी।
🔴 प्रमुख कार्रवाई और प्रशासनिक अधिकारी
यह पूरी कार्रवाई तहसीलदार सुरेंद्र सिंह और ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर हरेंद्र सिंह की अगुवाई में की गई। टीम ने सबसे पहले कलक्ट्रेट के पास शादमान के केंद्र पर छापा मारा, जहां अनियमितताएं मिलने पर केंद्र सील किया गया। इसके बाद कलक्ट्रेट के पास ही हनी रमन, करण वर्मा, प्राची कौशिक, पवन फस्वान, पूनम खन्ना और पारुल बंसल के केंद्रों पर भी औचक निरीक्षण कर सख्त कार्रवाई की गई।
🔴 प्रशासन की कड़ी चेतावनी
एसडीएम सदर डॉ. अपूर्वा सिंह ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि जनसेवा केंद्र आम जनता को सुगमता से सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर तय मानकों का पालन करना अनिवार्य है। जनता की सुविधा से जुड़े इन केंद्रों पर किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता या अवैध वसूली को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषी पाए जाने वालों पर आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
