उत्तराखंड में मौसम का मिजाज बदलेगा, 16 से 21 अप्रैल तक बारिश-बर्फबारी के आसार, कई जिलों में यलो अलर्ट जारी,,,,,

देहरादून। उत्तराखंड में एक बार फिर मौसम करवट लेने जा रहा है। मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से 16 से 21 अप्रैल के बीच राज्य के विभिन्न हिस्सों में बारिश, आंधी और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है। विभाग ने कई जिलों के लिए यलो अलर्ट भी जारी किया है।
पिछले तीन-चार दिनों से राज्य में मौसम शुष्क बना हुआ था और चटख धूप के चलते मैदानी इलाकों में गर्मी ने तेवर दिखाने शुरू कर दिए थे। हालांकि पर्वतीय क्षेत्रों में सुबह-शाम ठंडक बनी हुई है और हालिया बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई थी। अब एक बार फिर सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ के चलते मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा।
मौसम विभाग के अनुसार 16 से 21 अप्रैल के दौरान उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं, चार हजार मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के भी आसार हैं।
यलो अलर्ट जारी, तेज आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी
मौसम विभाग ने 17 अप्रैल के लिए उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान गर्जना के साथ आकाशीय बिजली चमकने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ चलने की संभावना है। लोगों को सतर्क रहने और खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
तापमान में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा
आगामी तीन से चार दिनों के दौरान राज्य के अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि हो सकती है, जिससे मैदानी इलाकों में गर्मी और बढ़ने की संभावना है, जबकि पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम अपेक्षाकृत सुहावना बना रहेगा।
मानसून को लेकर भी संकेत चिंताजनक
मौसम विभाग ने इस वर्ष मानसून के दौरान सामान्य से कम वर्षा होने का अनुमान जताया है। अल नीनो के प्रभाव के कारण बारिश में कमी आ सकती है, जिसका सीधा असर कृषि और जल संसाधनों पर पड़ने की आशंका है।
पर्यटन पर पड़ सकता है असर। देश के विभिन्न हिस्सों में बढ़ती गर्मी के बीच उत्तराखंड में पर्यटकों की संख्या बढ़ने की संभावना है, लेकिन बदलते मौसम और संभावित बारिश-आंधी से पर्यटन गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं।
