उत्तराखंड सर्दियों की दस्तक पर देहरादून जू में वन्यजीवों के डाइट चार्ट में किया बदलाव और हीटर और हीटिंग बल्ब से मिलेगी जानवरों को गर्माहट,,,

देहरादून। सर्दियों के मौसम के आगमन के साथ ही देहरादून जू (चिड़ियाघर) प्रशासन ने वन्यजीवों को ठंड से बचाने और उनके स्वास्थ्य की देखभाल के लिए विशेष इंतजाम शुरू कर दिए हैं। गिरते तापमान को देखते हुए जानवरों व पक्षियों की दैनिक खुराक में बदलाव करने के साथ-साथ उनके बाड़ों के तापमान को नियंत्रित रखने की व्यापक रूपरेखा तैयार की गई है।
जू प्रबंधन द्वारा किए गए इन नए बदलावों के तहत अब परिंदों को बादाम, हिरणों को गुड़ तथा भालुओं को मूंगफली और उबले अंडे परोसे जाएंगे। वहीं दूसरी ओर सरीसृपों (रैपटाइल्स) को सर्दी से बचाने के लिए बाड़ों में हीटर और हीटिंग बल्ब की व्यवस्था की गई है।
🟢 पक्षियों को मिलेंगे सूखे मेवे और ऊर्जा से भरपूर बीज
जू के पशु चिकित्सक डॉ. प्रदीप मिश्रा के अनुसार, सर्दियों में पक्षियों के पोषण का विशेष ध्यान रखा जाता है। पक्षियों को दिए जाने वाले बीजों को एक दिन पहले पानी में भिगोया जाता है और साथ ही मौसमी फल व ताजी कटी सब्जियां दी जाती हैं।
- तोता प्रजाति: उच्च वसा (फैट) की पूर्ति के लिए सूरजमुखी के बीज दिए जा रहे हैं।
- अन्य पक्षी: शरीर का तापमान संतुलित रखने के लिए तिल और राई के बीज दिए जाते हैं।
- फीजेंट्स व मकाऊ: फीजेंट्स प्रजाति के पक्षियों को उबले अंडे दिए जाते हैं। मकाऊ को पूरे साल दिए जाने वाले अखरोट के साथ अब सर्दियों में बादाम भी दिए जा रहे हैं।
🟢 शाकाहारी और मांसाहारी वन्यजीवों का विशेष आहार

शाकाहारी वन्यजीवों को ताजे हरे चारे के साथ पौष्टिक तत्वों से भरपूर तैयार चारा और मिनरल मिक्सचर दिया जा रहा है। ठंड से बचाव के लिए विशेष रूप से हिरणों की खुराक में गुड़ शामिल किया गया है।
वहीं, मांसाहारी जीवों को नियमित मांस के अतिरिक्त भालुओं के मेन्यू में चिकन, उबले अंडे, भुनी हुई मूंगफली, मौसमी फल और सब्जियां शामिल की गई हैं।
🟢 रैपटाइल्स के लिए हीटर और हीटिंग बल्ब का सहारा
डॉ. मिश्रा ने बताया कि सांप, मगरमच्छ, घड़ियाल और कछुओं जैसे कोल्ड-ब्लडेड जीवों पर ठंड का सीधा प्रभाव पड़ता है। सर्दियों के दौरान ये जीव ब्रूमेशन (शीतनिद्रा) की अवस्था में चले जाते हैं, जिसके चलते उनकी शारीरिक हलचल अत्यंत सीमित हो जाती है और वे भोजन ग्रहण करना भी बंद कर देते हैं।
चूंकि ये जीव अपने शरीर का तापमान वातावरण के अनुसार बदलते हैं, इसलिए उनके अनुकूल तापमान बनाए रखने के लिए बाड़ों में हीटिंग बल्ब और विशेष हीटर लगाए जा रहे हैं ताकि वे कड़ाके की ठंड में सुरक्षित और स्वस्थ रह सकें।
