उत्तराखंड ’शंख हड्डी से बना होता है, इसलिए मंदिर के भीतर इसे बजाना वर्जित’- सतपाल महाराज, तीर्थ पुरोहित महापंचायत ने संस्कृति एवं धर्मस्व मंत्री के बयान की करी निंदा,,,

देहरादून। उत्तराखंड के संस्कृति एवं धर्मस्व मंत्री सतपाल महाराज ने बदरीनाथ धाम में संगीत, नृत्य या सांस्कृतिक कार्यक्रमों के प्रतिबंधित होने की खबरों को पूरी तरह निराधार व तथ्यहीन करार दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बदरीनाथ धाम परिसर में हाल ही में आयोजित एक उत्सव के वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर जानबूझकर भ्रामक सूचनाएं फैलाई जा रही हैं।
🔴 धाम में सांस्कृतिक परंपरा का रहा है पुराना इतिहास

संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि बदरीनाथ धाम केवल एक सामान्य मंदिर ही नहीं, बल्कि एक पवित्र उर्वशी पीठ भी है। यहाँ संगीत, स्तुति और आराधना हमेशा से आध्यात्मिक व वैदिक परंपरा का अभिन्न अंग रहे हैं, जिन पर किसी भी प्रकार का कोई प्रतिबंध नहीं है। उन्होंने बताया कि धाम के कपाट खुलने के पावन अवसर पर भारतीय सेना का बैंड धार्मिक धुनों और मंगल संगीत की प्रस्तुति देता आ रहा है, जो कि वर्षों पुरानी परंपरा है।
इसके अतिरिक्त, माणा गांव में होने वाले वैवाहिक तथा अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी पारंपरिक संगीत का गायन-वादन होता रहा है, जो हमारी सनातन संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल में भी बदरीनाथ सहित अन्य धामों में धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजन होते रहे हैं।
🔴 शंख वादन के नियम पर स्थिति की स्पष्ट

मंत्री ने शंख बजाने के संदर्भ में स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि शंख हड्डी (जीव के अवशेष) से बना होता है, इसी कारण बदरीनाथ मंदिर के गर्भगृह या अंदरूनी हिस्से में शंख बजाना वर्जित माना गया है। हालांकि, मंदिर परिसर के बाहर शंख बजाने पर किसी भी तरह का कोई प्रतिबंध लागू नहीं है।
उन्होंने जनता और श्रद्धालुओं से किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने तथा देवभूमि की गरिमा, मर्यादा और परंपरा को बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की। साथ ही दोहराया कि सरकार केदारनाथ और बदरीनाथ सहित सभी चारों धामों की पवित्रता व मर्यादा की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
🔴 तीर्थ पुरोहित महापंचायत ने बयान की निंदा की

उधर, चारधाम तीर्थ पुरोहित महापंचायत ने संस्कृति एवं धर्मस्व मंत्री के इस बयान पर कड़ा ऐतराज जताते हुए इसकी निंदा की है।
महापंचायत के महासचिव डॉ. बृजेश सती ने कहा कि शंख को सनातन धर्म में अत्यंत पवित्र माना गया है और यह हर घर के साथ-साथ सभी मंदिरों व तीर्थस्थलों में नियमित रूप से बजाया जाता है। उन्होंने मंत्री के बयान को हास्यास्पद बताते हुए सवाल उठाया कि कैबिनेट मंत्री को शंख के संबंध में यह अनोखी जानकारी आखिर कहां से प्राप्त हुई।
