उत्तराखंड मसूरी विंटरलाइन कार्निवाल-2026, उत्तराखंड की लोक संस्कृति और ऐतिहासिक धरोहर से रूबरू होंगे देश-विदेश के पर्यटक,,,

देहरादून। पहाड़ों की रानी मसूरी में आगामी ‘मसूरी विंटरलाइन कार्निवाल-2026’ की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार का कार्निवाल केवल प्राकृतिक खूबसूरती तक सीमित न रहकर उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान, ऐतिहासिक विरासत और लोक परंपराओं का भव्य मंच बनेगा। आयोजन को लेकर जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने बृहस्पतिवार को समीक्षा बैठक की और संबंधित विभागीय अधिकारियों को सुरक्षा, यातायात और नागरिक सुविधाओं से जुड़ी व्यवस्थाएं समयबद्ध तरीके से पूरी करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि कार्निवाल के दौरान देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की भारी आमद को देखते हुए सुगम यातायात और चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था प्रशासन की शीर्ष प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने सड़कों के सुधारीकरण, नियमित पेयजल आपूर्ति और स्वच्छता व्यवस्था को समय रहते दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
🟢 ऐतिहासिक स्थलों पर सजेगी लोककला और स्थानीय व्यंजनों की महफिल

समीक्षा बैठक में निर्देश दिए गए कि मसूरी के ऐतिहासिक स्मारकों और भवनों का सौंदर्यीकरण कर उन्हें कार्निवाल की गतिविधियों का केंद्र बनाया जाए। इन स्थानों पर स्थानीय इतिहास, लोक परंपराओं, कला और पारंपरिक गढ़वाली-कुमाऊंनी व्यंजनों पर आधारित विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे पर्यटक यहां की मूल संस्कृति को करीब से जान सकें।
🟢 स्थानीय आर्थिकी और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
डीएम ने अधिकारियों को देश के अन्य सफल पर्यटन महोत्सवों के नवाचारों और व्यवस्थाओं का अध्ययन कर उन्हें मसूरी की परिस्थितियों के अनुसार लागू करने को कहा। उन्होंने कहा कि यह कार्निवाल मात्र एक उत्सव नहीं, बल्कि स्थानीय होटल व्यवसायियों, छोटे व्यापारियों, परिवहन सेवा प्रदाताओं और स्थानीय कलाकारों की आय व रोजगार बढ़ाने का सशक्त जरिया है। सभी विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर ऐसी कार्ययोजना बनाएं जिससे इस वृहद आयोजन का प्रत्यक्ष लाभ स्थानीय समुदाय और प्रदेश की आर्थिकी को प्राप्त हो सके।
