उत्तराखंड में मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने के लिए विशेष अभियान शुरू, बूथों पर लगेंगे विशेष कैंप,,,

देहरादून। उत्तराखंड में मतदाता सूची में पात्र नागरिकों के नाम शामिल करने और सूची को अद्यतन करने के लिए चुनाव आयोग ने राज्यव्यापी विशेष अभियान शुरू किया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान इस अभियान की विस्तृत रूपरेखा साझा की।
“8 से 10 अक्टूबर तक बीएलओ करेंगे सत्यापन, इस बार नए मतदाताओं के लिए फील्ड वेरिफिकेशन रिपोर्ट अनिवार्य”
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि अभियान के प्रथम चरण में 8 से 10 अक्टूबर तक प्रदेश के सभी 12,543 मतदान केंद्रों पर बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) विशेष कैंप आयोजित करेंगे। इस दौरान ‘प्री-एसआईआर’ एवं ‘एसआईआर’ अभियान के अंतर्गत एएसडीडी (अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डुप्लीकेट) मतदाताओं की सूची का गहन सत्यापन किया जाएगा और पात्र मतदाताओं की सूची तैयार की जाएगी। इसके बाद 12 से 20 अक्टूबर तक बीएलओ घर-घर जाकर चिन्हित पात्र नागरिकों से फॉर्म-6 भरवाएंगे।
🟢 फील्ड वेरिफिकेशन रिपोर्ट बनेगी वोट बनने का मजबूत आधार

डॉ. पुरुषोत्तम ने स्पष्ट किया कि इस बार प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए नए मतदाताओं के फॉर्म के साथ बीएलओ को अपनी फील्ड वेरिफिकेशन रिपोर्ट संलग्न करनी होगी।
- इस रिपोर्ट पर भाजपा, कांग्रेस या संबंधित राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों (बीएलए) के हस्ताक्षर अनिवार्य होंगे।
- बीएलओ सत्यापन के दौरान मतदाता से संबंधित आवश्यक दस्तावेज ले सकते हैं और जरूरत पड़ने पर वर्ष 2003 की मतदाता सूची से भी मिलान किया जा सकता है।
- बीएलओ वर्तमान मतदाता सूची का मिलान पुरानी सूची से करेंगे ताकि उन लोगों की पहचान हो सके, जिनके नाम पहले शामिल थे लेकिन वर्तमान सूची से हट गए हैं।
🟢 फॉर्म-6 के घोषणा कॉलम पर स्थिति स्पष्ट
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक सवाल के जवाब में सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि फॉर्म-6 में दिए गए घोषणा के कॉलम को लेकर किसी प्रकार का भ्रम या विवाद नहीं है। इसमें स्पष्ट रूप से उल्लिखित है कि आवेदक का नाम किसी अन्य मतदाता सूची में शामिल नहीं है—चाहे वह नया मतदाता हो या फिर वह नागरिक जिसका नाम पुरानी सूची से कट चुका हो।
प्रेस वार्ता में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे तथा सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास भी उपस्थित रहे।
