उत्तराखंड भराड़ीसैंण में गरमाया सियासी पारा, विधानसभा घेराव करने निकले विपक्षी दलों को पुलिस ने नहीं करने दिया बैरियर पार,,,,,

भराड़ीसैंण (गैरसैंण)। विधानसभा सत्र के दौरान भराड़ीसैंण में विपक्ष का जबर्दस्त उबाल देखने को मिला। बुधवार को विधानसभा का घेराव करने निकले विभिन्न दलों के कार्यकर्ताओं को पुलिस के कड़े सुरक्षा घेरे का सामना करना पड़ा। बैरिकेडिंग और अंतिम बैरियर पर पुलिस के पुख्ता इंतजामों के चलते कोई भी दल विधानसभा गेट तक नहीं पहुंच सका और सभी को वहीं से वापस लौटना पड़ा।
🔴 सत्र के पहले दिन रहा विरोध-प्रदर्शन का जोर

सत्र के पहले दिन कांग्रेस, उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) तथा सुराज सेवा दल का सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ अलग-अलग प्रदर्शन था। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का जत्था दोपहर करीब 12 बजे तक दिवालीखाल पहुंचा। वहीं यूकेडी कार्यकर्ता बैरियर पार करते हुए चौथे बैरियर तक पहुंच गए, जिसे पार करने के दौरान उनकी पुलिसकर्मियों से तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई। प्रदर्शनकारियों के तेवर देख पुलिस को उन्हें रोकने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
🔴 सुबह की ठंडी हवाओं में रहा सन्नाटा, दोपहर के प्रदर्शन से गूंजा दिवालीखाल

सुबह के समय दिवालीखाल में ठंडी हवाओं के बीच शांति छाई रही, लेकिन जैसे-जैसे दिन चढ़ा और 11 बजे कांग्रेस के कार्यकर्ता पहुंचे, पूरा इलाका नारों से गूंज उठा। इसके बाद यूकेडी के कार्यकर्ता भी पूरी ऊर्जा के साथ पहुंच गए। दोपहर 12 बजे के बाद कांग्रेस, यूकेडी और सुराज सेवा दल के कार्यकर्ता अलग-अलग स्थानों से विधानसभा की ओर बढ़े। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेड्स पर कई सुरक्षा घेरे बनाए थे। इस दौरान नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार आम जनता की समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं है और लोकतंत्र की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है।
🔴 यूकेडी नेता अंकित रावत घायल, लगे 28 टांके

बैरिकेडिंग पार करने के प्रयास में यूकेडी के युवा नेता अंकित रावत घायल हो गए। प्रदर्शन के दौरान बैरियर की लोहे की चादर से उनके पैर पर गहरा कट लग गया, जिससे उन्हें 28 टांके आए हैं। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें कर्णप्रयाग रेफर किया गया। यूकेडी ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने जानबूझकर बैरिकेड्स पर धारदार चद्दरें लगाई थीं, जिससे कार्यकर्ता चोटिल हुए।
🔴 जंगलचट्टी, दुगगत्ता और दिवालीखाल में धरना

प्रदर्शनकारियों को बैरियर पर रोके जाने से नाराज होकर विभिन्न दलों के कार्यकर्ताओं ने अलग-अलग स्थानों पर धरना दिया। यूकेडी कार्यकर्ताओं ने सरकार पर विकास की अनदेखी का आरोप लगाते हुए जोरदार नारेबाजी की। वहीं जंगलचट्टी में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला।
🔴 प्रधानों का धरना- ले 10 सूत्री मांगों पर अड़े

विधानसभा सत्र के दौरान विकासखंड थराली व देवाल के 40 से 50 प्रधानों ने अपनी 10 सूत्री मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया और धरना दिया। प्रधान संगठन के अध्यक्ष ने कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करती, उनका आंदोलन जारी रहेगा। प्रधानों ने मानदेय 20 हजार रुपये करने और मनरेगा में अधिकार बढ़ाने सहित कई विकास कार्यों को लेकर अपनी आवाज उठाई।
🔴 पुलिस की रणनीति रही कामयाब

विधानसभा सत्र के दौरान शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को अंतिम बैरियर से आगे बढ़ने नहीं दिया। कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर अस्थाई कैंपों में ले जाया गया, जिससे किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना टल गई और सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद बनी रही।
