उत्तराखंड महिला जन आक्रोश रैली, सीएम धामी ने विपक्ष पर साधा निशाना, कहा- ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ रोककर किया महापाप,,,

देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शुक्रवार को राजधानी के परेड ग्राउंड में आयोजित ‘महिला जन आक्रोश रैली’ में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने हजारों की संख्या में उमड़ी मातृशक्ति के साथ परेड ग्राउंड से घंटाघर तक ‘जन आक्रोश पदयात्रा’ का नेतृत्व किया और विपक्ष की नीतियों पर तीखा प्रहार किया।
विपक्ष पर षड्यंत्र का आरोप

मुख्यमंत्री ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को लोकतांत्रिक अधिकार देने के लिए ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ लाया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि:
- लोकसभा में संख्या बल का दुरुपयोग कर विपक्ष ने इस बिल को पारित नहीं होने दिया।
- विपक्ष ने षड्यंत्र रचकर नारी शक्ति के अधिकारों को छीनने का काम किया है, जिसे देश की महिलाएं कभी माफ नहीं करेंगी।
- नारी अब अपने अधिकारों के प्रति सजग है और इस अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाएगी।
केंद्र व राज्य सरकार की महिला सशक्तिकरण योजनाएं
सीएम धामी ने प्रधानमंत्री मोदी के दृष्टिकोण की सराहना करते हुए कहा कि आज नारी नए भारत के निर्माण का आधार है। उन्होंने निम्नलिखित योजनाओं का उल्लेख किया:
- केंद्रीय स्तर पर: बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, उज्ज्वला योजना, जन धन योजना, स्टार्टअप इंडिया, लखपति दीदी योजना और तीन तलाक की समाप्ति।
- राज्य स्तर पर: उत्तराखंड में सरकारी सेवाओं में महिलाओं के लिए 30% आरक्षण लागू किया गया है। साथ ही, सुरक्षा और समानता सुनिश्चित करने के लिए समान नागरिक संहिता (UCC) लागू की गई है।
उपलब्धियां और सहभागिता

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि राज्य सरकार के प्रयासों से प्रदेश में अब तक 2 लाख 65 हजार से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। ग्रामीण आजीविका मिशन और मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ा जा रहा है।
प्रमुख उपस्थिति: इस ऐतिहासिक रैली में राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट, सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, विधायक सविता कपूर, आशा नौटियाल समेत भाजपा की कई महिला नेत्री और प्रदेश भर से आई भारी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं। रैली के माध्यम से मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया कि राज्य सरकार मातृशक्ति के कल्याण के लिए समर्पित है और महिलाओं के अधिकारों में बाधा डालने वाली ताकतों के खिलाफ जनता के बीच जाएगी।
