उत्तराखंड श्री हेमकुंड साहिब यात्रा, मैनेजमेंट ट्रस्ट की श्रद्धालुओं से अपील, यात्रा के दौरान यात्री बनाए रखें शांति, मर्यादा और सामाजिक सौहार्द,,,,

गोविंदघाट। गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट ने पवित्र श्री हेमकुंड साहिब की यात्रा पर आने वाले देश-विदेश के सभी श्रद्धालुओं से आपसी सद्भाव, कड़ा अनुशासन और शांति बनाए रखने की पुरज़ोर अपील की है। ट्रस्ट के गोविंदघाट प्रबंधक सरदार सेवा सिंह ने यात्रा की मर्यादा को सर्वोपरि बताते हुए यात्रियों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग मांगा है।
🟢 ‘श्रद्धा और मर्यादा के साथ करें दर्शन, वाद-विवाद से बचें’
मैनेजमेंट ट्रस्ट द्वारा जारी आधिकारिक अपील में कहा गया है कि 23 मई से शुरू हुई इस पावन यात्रा में अब तक हजारों श्रद्धालु गुरुद्वारे में मत्था टेक चुके हैं और वर्तमान में भी बड़ी संख्या में तीर्थयात्रियों का आना लगातार जारी है। ट्रस्ट ने सभी संगत से आग्रह किया है कि वे यात्रा के मूल उद्देश्य और इसकी धार्मिक महत्ता को समझें। यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार के वाद-विवाद से पूरी तरह दूर रहें, ताकि यात्रा की पवित्रता और सामाजिक सौहार्द को कोई ठेस न पहुंचे।
🟢 शस्त्रों के प्रदर्शन और दुरुपयोग पर रोक की हिदायत
अपील में सिख परंपराओं का हवाला देते हुए एक महत्वपूर्ण बात कही गई है। ट्रस्ट ने स्पष्ट किया कि:
- सिख धर्म में शस्त्रों का महत्व केवल और केवल धर्म व मानवता की रक्षा के लिए है, न कि उनके व्यक्तिगत प्रदर्शन या दुरुपयोग के लिए।
- श्रद्धालु यात्रा के दौरान अनावश्यक रूप से अपने साथ किसी भी प्रकार के शस्त्र लेकर न आएं।
- विशेष रूप से यात्रा पर साथ आ रहे छोटे बच्चों को किसी भी तरह के शस्त्र या हथियार रखने से कड़ाई से दूर रखा जाए।
🟢 देवभूमि की गरिमा बनाए रखने का आह्वान

प्रबंधक सरदार सेवा सिंह ने कहा कि उत्तराखंड पूरी दुनिया में ‘देवभूमि’ के रूप में विख्यात एक बेहद शांतिप्रिय राज्य है। यहाँ श्री बद्रीनाथ धाम, श्री केदारनाथ धाम, मां गंगोत्री और मां यमुनोत्री जैसे पवित्र सनातन तीर्थों के साथ-साथ श्री हेमकुंड साहिब का भी अपना एक विशेष और सर्वोच्च धार्मिक महत्व है। ऐसे में इस पावन भूमि की गरिमा को बनाए रखना सभी का दायित्व है।
महत्वपूर्ण निर्देश: ट्रस्ट ने सभी तीर्थयात्रियों को आश्वस्त किया है कि सरकार और प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। इसके बावजूद यदि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की समस्या या विवाद की स्थिति उत्पन्न होती है, तो श्रद्धालु कानून को अपने हाथ में लेने के बजाय तुरंत संबंधित सरकारी अधिकारियों या ट्रस्ट प्रबंधन से संपर्क कर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।
