उत्तराखंड पंतनगर बनेगा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, ₹387 करोड़ की लागत से बढ़ेगा दायरा, 3000 मीटर का होगा रनवे, जून 2028 तक काम पूरा करने का लक्ष्य,,,,

पंतनगर। उत्तराखंड के औद्योगिक और कृषि क्षेत्र को वैश्विक मंच पर नई उड़ान देने के लिए पंतनगर एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकसित करने की कवायद तेज हो गई है। लगभग 387 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली इस महत्वाकांक्षी विस्तार परियोजना के तहत एयरपोर्ट का क्षेत्रफल और रनवे का दायरा बढ़ाकर इसे आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। इस परियोजना को पूरा करने के लिए जून 2028 तक की समय-सीमा तय की गई है।
🟢 तीन गुना बढ़ेगा एयरपोर्ट का क्षेत्रफल, उतर सकेंगे बड़े एयरबस विमान
एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के लिए राज्य सरकार द्वारा 524.7 एकड़ अतिरिक्त भूमि आवंटित की गई है, जिसके बाद एयरपोर्ट का मौजूदा क्षेत्रफल 269.2 एकड़ से बढ़कर कुल 793.9 एकड़ हो जाएगा। इसके साथ ही:
- रनवे का विस्तार: वर्तमान के 1342 मीटर लंबे रनवे को बढ़ाकर 3000 मीटर किया जाएगा, जिससे बड़े यात्री विमानों और एयरबस श्रेणी के विमानों का सुरक्षित संचालन संभव हो सकेगा।
- कनेक्टिविटी: इसके तैयार होने से कुमाऊं मंडल को दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, कोलकाता, चेन्नई, अहमदाबाद, पुणे और लखनऊ जैसे देश के सभी प्रमुख महानगरों से सीधी हवाई कनेक्टिविटी मिलेगी।
- अंतरराष्ट्रीय उड़ानें: भविष्य में यहाँ से नेपाल, दुबई, थाईलैंड और दक्षिण एशिया के अन्य देशों के लिए अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू होने की राह भी आसान होगी।
🟢 कार्गो सेवाओं से सिडकुल और कृषि क्षेत्र को मिलेगी नई रफ्तार
विशेषज्ञों के अनुसार, यह परियोजना उत्तराखंड के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र ‘सिडकुल’ और स्थानीय कृषि सेक्टर के लिए गेम-चेंजर साबित होगी। एयरपोर्ट पर भविष्य के लिए कार्गो सेवाएं प्रस्तावित की गई हैं, जिससे क्षेत्र के कृषि उत्पादों, औद्योगिक सामानों और निर्यात गतिविधियों को गति मिलेगी। तेज हवाई संपर्क (एयर कनेक्टिविटी) मिलने से राज्य में निवेश और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा, इस पूरी परियोजना से क्षेत्र में लगभग 1000 से 1500 लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है।
🟢 एयरपोर्ट पर विकसित होगा यह अत्याधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर
विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप एयरपोर्ट परिसर में निम्नलिखित निर्माण कार्य किए जाएंगे:
- लगभग 8500 वर्गफीट क्षेत्रफल में भव्य व आधुनिक टर्मिनल बिल्डिंग।
- एक साथ पांच एयरबस विमानों की पार्किंग क्षमता वाला ऐप्रन एरिया।
- अत्याधुनिक एटीसी (ATC) टेक्निकल ब्लॉक और फायर स्टेशन।
- यात्रियों की सुविधा के लिए 300 वाहनों की क्षमता वाली बड़ी कार पार्किंग।
🟢 नाइट लैंडिंग और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
खराब मौसम और रात के समय भी विमानों के सुरक्षित संचालन के लिए सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके लिए एयरपोर्ट पर कैट-1 नाइट लाइटिंग सिस्टम और लोकलाइजर इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS) जैसी अत्याधुनिक तकनीक स्थापित की जाएगी, जिससे जीरो विजिबिलिटी या रात के समय भी लैंडिंग सुरक्षित हो सके।
🟢 आधिकारिक बयान:
“हमारा पूरा प्रयास है कि पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तारीकरण का कार्य जून 2028 तक पूरा कर लिया जाए। इसके लिए सभी आवश्यक प्रक्रियाएं और निर्माण कार्य अपनी तय समय-सीमा के भीतर तेजी से किए जा रहे हैं।”– पवन कुमार, निदेशक, पंतनगर एयरपोर्ट
