उत्तराखंड कुंभ मेला-2027, मंडलायुक्त ने निर्माण कार्यों का किया स्थलीय निरीक्षण, गुणवत्ता और समयबद्धता पर दिया विशेष जोर,,,,

हरिद्वार। कुंभ मेला-2027 की भव्यता और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उत्तराखंड शासन और मेला प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है। मेले से जुड़ी बुनियादी ढांचा (अवस्थापना) परियोजनाओं को समयसीमा के भीतर पूरा करने के लिए विभिन्न स्तरों पर लगातार निगरानी और समीक्षा की जा रही है। इसी कड़ी में शुक्रवार को गढ़वाल मंडल के आयुक्त आनन्द स्वरूप ने हरिद्वार पहुंचकर कुंभ क्षेत्र में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।

🟢 धनौरी–सिडकुल मार्ग पर 16.59 करोड़ से बन रहा है नया पुल
मंडलायुक्त ने सबसे पहले धनौरी–सिडकुल मार्ग पर पथरी रौ नदी (पुरानी गंग नहर के साइफन के डाउनस्ट्रीम क्षेत्र) में निर्माणाधीन 90 मीटर स्पान वाले दो लेन के पुल का जायजा लिया।
- परियोजना लागत: कुंभ मेला मद से इस पुल के लिए ₹16.59 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई है।
- कार्य की प्रगति: कार्यदायी संस्था (सिंचाई विभाग) के अधिकारियों ने अवगत कराया कि पुल के लिए आवश्यक कुल 36 आधार स्तंभों (पिलर्स) में से 33 का काम अंतिम चरण में है। शेष 3 स्तंभों का निर्माण इसी महीने पूरा कर लिया जाएगा।
- तकनीकी स्थिति: पिलर्स के बाद पाइल कैप का निर्माण कर ‘स्टील सुपर स्ट्रक्चर’ स्थापित किया जाएगा। पुल के स्टील ढांचे का निर्माण समानांतर रूप से वर्कशॉप में तेजी से चल रहा है।
- मंडलायुक्त का निर्देश: नदी तल में चल रहे इस काम को और गति दी जाए। सभी पिलर्स और पाइल कैप का काम जल्द पूरा करें ताकि स्टील स्ट्रक्चर समय पर इंस्टॉल हो सके। इसके साथ ही निर्माण की गुणवत्ता की नियमित टेस्टिंग सुनिश्चित की जाए।

🟢 ₹6.53 करोड़ की सड़क परियोजना का भी लिया जायजा
इसके बाद आयुक्त ने धनौरी–सिडकुल मोटर मार्ग के चौड़ीकरण, सुदृढ़ीकरण और डामरीकरण (Hot Mix) कार्य का निरीक्षण किया।
- लंबाई और लागत: लगभग 8.50 किलोमीटर लंबी इस सड़क के कायाकल्प के लिए कुंभ मेला मद से ₹6.53 करोड़ की मंजूरी दी गई है।
- अधिकारियों को निर्देश: मंडलायुक्त ने लोक निर्माण विभाग/संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सड़क के बेस और अन्य आवश्यक बुनियादी कार्यों को तुरंत निपटाया जाए। जैसे ही मानसून/बारिश का सीजन समाप्त हो, प्राथमिकता के आधार पर डामरीकरण का काम शुरू कर दिया जाए।
🟢 “लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं”- मंडलायुक्त
मंडलायुक्त श्री आनन्द स्वरूप ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि कुंभ मेला-2027 से जुड़े सभी कार्य शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल हैं। इसमें किसी भी स्तर पर ढिलाई या अनावश्यक देरी कतई स्वीकार नहीं की जाएगी। मेले के दौरान भीड़ नियंत्रण और यातायात को सुगम बनाने के लिए ये वैकल्पिक मार्ग बेहद महत्वपूर्ण हैं, इसलिए गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए।
इस उच्चस्तरीय निरीक्षण के दौरान अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता अनुभव नौटियाल सहित विभिन्न संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और अभियंता मौके पर मौजूद रहे।
