उत्तराखंड हाई कोर्ट ने शराब दुकान विवाद में फिलहाल नहीं दी कोई राहत, पूरी खबर के लिए खबर का अवलोकन करें,,,,

नैनीताल: उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने नैनीताल-कालाढूंगी मार्ग स्थित घटगड में शराब की दुकान खोले जाने और दुकान संचालक को सुरक्षा उपलब्ध कराने से जुड़ी याचिका पर फिलहाल कोई राहत नहीं दी है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 23 अप्रैल को तय की है।
सुनवाई के दौरान आबकारी आयुक्त वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में उपस्थित हुए। उन्होंने अदालत को बताया कि किसी भी शराब की दुकान को स्थानांतरित करने का अधिकार जिलाधिकारी नैनीताल के क्षेत्राधिकार में आता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि स्थानीय विरोध के बाद दुकान को मंगोली से हटाकर घटगड में स्थानांतरित किया गया है।
मंगोली से घटगड तक विवाद
मामले के अनुसार, याचिकाकर्ता बलवंत सिंह को सरकार द्वारा नैनीताल-कालाढूंगी मार्ग के मंगोली क्षेत्र में खुदरा शराब बिक्री का लाइसेंस दिया गया था। लेकिन स्थानीय लोगों के कड़े विरोध के चलते दुकान को आगे घटगड में शिफ्ट किया गया। हालांकि, घटगड में भी विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। स्थानीय लोग दुकान के बाहर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं, जिससे दुकान संचालक को व्यवसाय चलाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
सुरक्षा को लेकर उठाई चिंता
याचिकाकर्ता ने अदालत में कहा है कि लगातार विरोध के चलते कभी भी कोई अप्रिय घटना हो सकती है। उन्होंने अपनी और दुकान की सुरक्षा के लिए पर्याप्त पुलिस बल मुहैया कराने की मांग की है।याचिका में यह भी तर्क दिया गया है कि जब सरकार ने खुद शराब बिक्री का लाइसेंस दिया है, तो सुरक्षा प्रदान करना भी उसकी जिम्मेदारी है।
फिलहाल अदालत ने इस मामले में कोई अंतरिम राहत देने से इनकार करते हुए अगली सुनवाई 23 अप्रैल को निर्धारित की है। अब इस केस में आगे क्या फैसला आता है, इस पर सभी पक्षों की नजरें टिकी हुई हैं।
