उत्तराखंड मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का ‘मेरा भारत, मेरा योगदान’ अभियान, स्वदेशी उत्पादों और स्वच्छ ऊर्जा पर रहेगा विशेष जोर,,,,

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में आत्मनिर्भरता, जन-स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सरकार ने राज्य के संसाधनों के बेहतर उपयोग और नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार के लिए बहुआयामी रणनीति तैयार की है।
🟢 स्वदेशी और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा
राज्य में जन-जागरूकता के लिए “मेरा भारत, मेरा योगदान” अभियान शुरू किया जाएगा। इसके तहत स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग और बिक्री बढ़ाने के लिए “Made in State” पहल पर जोर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि सरकारी खरीद की प्रक्रियाओं में “Make in India” नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे स्थानीय उद्यमियों को लाभ मिल सके।
🟢 स्वास्थ्य और खान-पान में सुधार के प्रयास
आम जनमानस के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए सरकार खाद्य तेल की खपत घटाने पर जोर दे रही है। इसके लिए:
- स्कूलों, अस्पतालों और सरकारी कैंटीनों में तेल के उपयोग की नियमित समीक्षा की जाएगी।
- होटल, ढाबों और स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को “Low-Oil Menu” अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
- नागरिकों को कम तेल वाले भोजन के स्वास्थ्य लाभों के प्रति जागरूक किया जाएगा।
- साथ ही, आर्थिक संतुलन बनाए रखने के लिए नागरिकों को सोने की खरीद सीमित करने हेतु प्रोत्साहित किया जाएगा।
प्राकृतिक खेती और मृदा संरक्षण
कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाने के लिए किसानों को Natural Farming (प्राकृतिक खेती) और Zero Budget Farming का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य उर्वरकों के संतुलित उपयोग और मृदा स्वास्थ्य (Soil Health) के प्रति जागरूकता फैलाना है, ताकि पर्यावरण के अनुकूल खेती को बढ़ावा मिल सके।
🟢 स्वच्छ ऊर्जा और सौर परियोजनाओं पर मिशन मोड में काम
ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने के लिए मुख्यमंत्री ने निम्नलिखित निर्देश दिए हैं:
- PNG (पाइप्ड नेचुरल गैस): होटल, रेस्टोरेंट और सरकारी आवासों में PNG कनेक्शनों को प्राथमिकता दी जाएगी।
- PM सूर्य घर योजना: रूफटॉप सोलर को बढ़ावा देने के साथ-साथ गोबर गैस संयंत्रों के विस्तार के लिए पंचायती राज और ग्राम्य विकास विभाग को निर्देशित किया गया है।
- प्रोजेक्ट्स में तेजी: माइनिंग, सोलर और पावर प्रोजेक्ट्स की मंजूरी के लिए समय सीमा निर्धारित कर दी गई है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली उच्चाधिकार प्राप्त समिति (HPC) को 60 दिनों के भीतर प्रस्तावों पर अनुमोदन प्रदान करना होगा।
इन निर्णयों से न केवल उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी, बल्कि पर्यावरण और जन-स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद है।
