उत्तराखंड अंकिता भंडारी हत्याकांड, मुख्य आरोपी पुलकित और सौरभ को नहीं मिली हाईकोर्ट से कोई राहत, 20 जुलाई को अगली सुनवाई,,,,

नैनीताल: उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड के मुख्य आरोपियों, पुलकित आर्या और सौरभ भास्कर को उत्तराखंड हाईकोर्ट से फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है। न्यायमूर्ति रविन्द्र मैठाणी और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह की खंडपीठ ने दोनों आरोपियों की आजीवन कारावास की सजा के खिलाफ दायर अपील और जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया। अब इस मामले की अगली सुनवाई 20 जुलाई 2026 को होगी।
🔴 आरोपियों का दावा- ‘यह आत्महत्या का मामला’
सुनवाई के दौरान आरोपियों की ओर से अदालत में दलील दी गई कि अंकिता भंडारी की मौत हत्या नहीं बल्कि आत्महत्या का मामला है और इसमें उनका कोई हाथ नहीं है। इसी दलील को आधार बनाकर उन्होंने कोर्ट से जमानत की मांग की थी, जिसे अदालत ने इस चरण पर स्वीकार नहीं किया।
🔴 सरकार और अभियोजन पक्ष के कड़े तर्क
राज्य सरकार और पीड़ित पक्ष ने आरोपियों की जमानत का पुरजोर विरोध करते हुए अदालत के सामने कई महत्वपूर्ण तथ्य रखे:
- सबूत मिटाने की कोशिश: घटना के बाद रिसॉर्ट के कमरे को बुलडोजर से ध्वस्त किया गया, आगजनी की गई और सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर से छेड़छाड़ कर साक्ष्यों को नष्ट करने का प्रयास किया गया।
- डिजिटल और फोरेंसिक साक्ष्य: अभियोजन पक्ष ने बताया कि भले ही कोई चश्मदीद गवाह न हो, लेकिन मोबाइल लोकेशन, फोरेंसिक जांच और अंकिता के व्हाट्सएप चैट आरोपियों की संलिप्तता की पुष्टि करते हैं।
- सवाल: सरकार ने तर्क दिया कि यदि आरोपियों का इस घटना से कोई संबंध नहीं था, तो उन्हें सबूत मिटाने की आवश्यकता क्यों पड़ी?
🔴 निचली अदालत ने सुनाई है उम्रकैद की सजा
उल्लेखनीय है कि कोटद्वार की अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने 30 मई 2025 को 47 गवाहों के बयानों और साक्ष्यों के आधार पर पुलकित आर्या, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को धारा 302, 354ए और 201 के तहत दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इसी फैसले को आरोपियों ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है।
🔴 क्या था मामला?
पौड़ी गढ़वाल की रहने वाली अंकिता भंडारी ऋषिकेश के वनंत्रा रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट थीं। 18 सितंबर 2022 को रिसॉर्ट संचालक पुलकित आर्या और उसके सहयोगियों ने अंकिता को चीला बैराज में धक्का देकर मार दिया था। तीनों आरोपी तभी से जेल में बंद हैं।
