उत्तराखंड MBBS प्रवेश फर्जीवाड़े पर कांग्रेस ने की उच्चस्तरीय सीबीआई जांच की मांग, हरीश रावत बोले 2027 उत्तराखंड को बचाने का आखरी मौका,,,

देहरादून। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने एक बयान में कहा है कि आगामी 2027 का विधानसभा चुनाव राज्य को बचाने का आखिरी मौका है। उन्होंने राज्य सरकार के विकास मॉडल पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि राज्य आंदोलनकारियों की मूल भावना आज भी हाशिए पर है। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तराखंड अपने शुरुआती दौर से लेकर आज तक विकास के मोर्चे पर चुनौतियों का सामना कर रहा है।
🔴 पधारचुला से गंगोत्री तक जनता बुनियादी अधिकारों से वंचित

देहरादून में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान हरीश रावत ने कहा कि राज्य के गठन के बाद जिन उम्मीदों के साथ जनता ने संघर्ष किया था, आज भी 70 से 75 प्रतिशत जनता बुनियादी अधिकारों और संसाधनों से वंचित है। धारचुला-मुनस्यारी से लेकर जसपुर-गंगोत्री तक स्थिति यह है कि केवल 25 से 30 प्रतिशत लोगों तक ही संसाधनों की पहुंच रह गई है। उन्होंने आह्वान किया कि यदि 2027 में जनता बदलाव के पक्ष में खड़ी नहीं हुई, तो राज्य आंदोलन की मूल भावना पूरी तरह समाप्त हो जाएगी।
🔴 एमबीबीएस प्रवेश फर्जीवाड़ा: कांग्रेस ने की सीबीआई जांच की मांग
दूसरी ओर, एक अन्य प्रमुख राजनीतिक घटनाक्रम में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुरकांत धस्माना ने एमबीबीएस प्रवेश में हुए फर्जीवाड़े को लेकर सरकार पर कड़े सवाल उठाए हैं। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा दिए गए सामान्य जांच आदेश को नाकाफी और महज दिखावा करार दिया है। धस्माना ने मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच सीबीआई से कराई जानी चाहिए।
🔴 संगठित अपराध और नीट पेपर लीक से जुड़ा है रैकेट
कांग्रेस नेता सुरकांत धस्माना ने आरोप लगाया कि यह मामला केवल फर्जी दस्तावेजों का एक साधारण मामला नहीं है, बल्कि यह संगठित अपराध और नीट पेपर लीक से जुड़ा एक बड़ा रैकेट है। पार्टी ने इस पूरे फर्जीवाड़े की तह तक जाने के लिए निष्पक्ष और कड़ी जांच की मांग की है।
