उत्तराखंड ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ में उत्तराखंड का दबदबा, पर्वतीय राज्यों में हासिल किया शीर्ष स्थान, हजारों घरों का बिजली बिल हुआ ‘शून्य’,,,,,

देहरादून। हरित ऊर्जा के संकल्प को धरातल पर उतारते हुए उत्तराखंड ने देश के पर्वतीय राज्यों के बीच एक बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ के अंतर्गत रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित करने के मामले में उत्तराखंड देशभर के पहाड़ी राज्यों में पहले पायदान पर पहुँच गया है। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के हालिया आंकड़ों के मुताबिक, मई 2026 के प्रथम सप्ताह (1 से 6 मई) के भीतर ही राज्य में 1,101 नए सोलर संयंत्र स्थापित किए गए, जो इस श्रेणी में एक कीर्तिमान है।
उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPCL) की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में अब तक कुल 80,524 रूफटॉप सोलर संयंत्र सफलतापूर्वक लगाए जा चुके हैं। इन संयंत्रों के माध्यम से राज्य की सौर ऊर्जा क्षमता 290.91 मेगावाट तक पहुंच गई है, जो कि संशोधित लक्ष्य का लगभग 91 प्रतिशत है। गौर करने वाली बात यह है कि राज्य ने अपनी सौर नीति-2023 के तहत निर्धारित 250 मेगावाट के आवासीय लक्ष्य को तय समय से करीब डेढ़ साल पहले ही हासिल कर अपनी कार्यकुशलता का परिचय दिया है।
इस योजना के सामाजिक और आर्थिक प्रभाव भी व्यापक स्तर पर दिखाई दे रहे हैं। वर्तमान में प्रदेश के 23,367 उपभोक्ताओं का बिजली बिल पूरी तरह शून्य हो चुका है, यानी लगभग 42.2 प्रतिशत लाभार्थियों को अब बिजली के भारी-भरकम खर्च से मुक्ति मिल गई है। योजना को प्रोत्साहन देने के लिए केंद्र सरकार की ओर से अब तक उपभोक्ताओं के खातों में 413.50 करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी हस्तांतरित की जा चुकी है। शुरुआती सफलता को देखते हुए सरकार ने अब लक्ष्य को 40 हजार से बढ़ाकर 88 हजार संयंत्रों तक कर दिया है, जिससे भविष्य में पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ राज्य की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को और अधिक मजबूती मिलेगी।
