उत्तराखंड मसूरी में यातायात व्यवस्था बेपटरी, शटल सर्विस के बाद भी रेंग रहे वाहन, होटल कारोबारियों ने जताई चिंता,,,,

मसूरी। पहाड़ों की रानी मसूरी में पर्यटन सीजन के शुरू होते ही यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। प्रशासन द्वारा जाम से मुक्ति पाने के लिए लागू किए गए नए ट्रैफिक प्लान के बावजूद पर्यटकों और स्थानीय लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सुबह से लेकर देर रात तक शहर के मुख्य मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लगी हुई हैं।
🔴 प्रशासन की ‘शटल सर्विस’ फेल, सुबह से ही लग रहा जाम
बढ़ते ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने किंक्रेग से शटल सर्विस की शुरुआत की है। इस योजना के तहत बाहर से आने वाले टैम्पो ट्रैवलर वाहनों को किंक्रेग में ही रोका जा रहा है, और वहां से पर्यटकों को शटल वाहनों के माध्यम से उनके गंतव्य तक भेजा जा रहा है।
इसके अतिरिक्त, कैंपटी फाल जाने वाली बसों और भारी चार पहिया वाहनों को गज्जी बैंड से कार्ट मैकेंजी रोड और हाथी पांव होते हुए जीरो प्वाइंट की ओर डायवर्ट किया जा रहा है। हालांकि, ये तमाम इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे हैं। किंक्रेग में सुबह 7 बजे से ही जाम लगना शुरू हो जाता है, जो किंक्रेग-लाइब्रेरी चौक-जीरो प्वाइंट कैंपटी रोड पर दिन-रात बना रहता है।
🔴 इन प्रमुख मार्गों पर स्थिति सबसे खराब
शहर का कोई भी कोना इस वक्त जाम से अछूता नहीं है। मुख्य रूप से निम्नलिखित क्षेत्रों में स्थिति गंभीर बनी हुई है:
- जेपी बैंड से जबरखेत: टहरी बाईपास मार्ग पर वाहनों के रुक-रुक कर चलने से लोग बेहाल हैं।
- मैसानिक लाज से चार दुकान: मैसानिक लाज बस स्टैंड, अपर मालरोड, घंटाघर, मलिंगार और चार दुकान तक का इलाका पूरी तरह पैक है।
- मोतीलाल नेहरू मार्ग: इस मार्ग पर यातायात का दबाव इतना अधिक है कि पर्यटकों और स्थानीय निवासियों का पैदल चलना भी दूभर हो गया है।
🔴 पुलिस प्रशासन का पक्ष
इस अव्यवस्था को लेकर कोतवाल देवेंद्र चौहान ने कहा कि पुलिस बल यातायात को सुचारू बनाने का पूरा प्रयास कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पिक्चर पैलेस और लंढौर क्षेत्र की बुकिंग वाले पर्यटकों को सीधे आने की अनुमति दी जा रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि यदि रूट पर कोई भ्रम की स्थिति है, तो ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को निर्देशित किया जाएगा कि संबंधित क्षेत्र के पर्यटकों को बिना वजह न रोका जाए।
🔴 होटल एसोसिएशन ने दी चेतावनी
पर्यटकों को हो रही इस असुविधा पर मसूरी होटल एसोसिएशन ने कड़ा रुख अपनाया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय अग्रवाल और सचिव अजय भार्गव ने बताया कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने तुरंत प्रशासन और पुलिस के उच्च अधिकारियों को वस्तुस्थिति से अवगत कराया है।
”यदि शटल सर्विस और रूट डायवर्जन के नाम पर पर्यटकों को इसी तरह परेशान किया गया, तो इसका सीधा नकारात्मक असर मसूरी के पर्यटन व्यवसाय पर पड़ेगा। प्रशासन को व्यावहारिक समाधान ढूंढना चाहिए।”-होटल एसोसिएशन, मसूरी
