उत्तराखंड”हरिद्वार कांवड़ मेला-2026″ के लिए पुलिस ने जारी किया विस्तृत ट्रैफिक प्लान, रूट डायवर्जन लागू पुलिस ने की अपील,,,,

हरिद्वार। श्रावण मास और कांवड़ मेला-2026 को लेकर हरिद्वार पुलिस ने एक विस्तृत यातायात योजना (Traffic Plan) जारी कर दी है। पुलिस ने आमजन, श्रद्धालुओं और वाहन चालकों से विशेष अपील की है कि मेले के दौरान यात्रा पर निकलने से पहले इस ट्रैफिक प्लान का अध्ययन अवश्य कर लें, ताकि अनावश्यक जाम और असुविधा से बचा जा सके।
🟢 महत्वपूर्ण तिथियां
- श्रावण मास की शुरुआत: 28 जुलाई 2026
- श्रावण सोमवार: 3, 10, 17 और 24 अगस्त 2026
- श्रावण शिवरात्रि (मुख्य पर्व): 11 अगस्त 2026
🟢 प्रमुख यातायात एवं डायवर्जन व्यवस्था
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- कांवड़ वाहनों के लिए रूट: सहारनपुर, दिल्ली, मेरठ, मुजफ्फरनगर, हरियाणा और पंजाब की ओर से आने वाले कांवड़ वाहनों को विभिन्न डायवर्जन मार्गों से बैरागी कैंप, गौरीशंकर, नीलधारा, लालजीवाला और अन्य निर्धारित पार्किंग स्थलों तक भेजा जाएगा।
- प्रतिबंध: दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे कांवड़ वाहनों के लिए पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
- बस संचालन (रोडवेज व प्राइवेट): दिल्ली से आने वाली अधिकांश बसें एक्सप्रेसवे के जरिए संचालित होंगी, जबकि देहरादून और ऋषिकेश की बसों का संचालन मोतीचूर पार्किंग तक सीमित रखा जाएगा।
- भारी वाहनों पर प्रतिबंध: भारी वाहनों पर चरणबद्ध प्रतिबंध लागू रहेगा तथा 5 अगस्त से 11 अगस्त तक भारी वाहनों का हरिद्वार में प्रवेश पूरी तरह बंद रहेगा।
- चारधाम यात्रियों के लिए वैकल्पिक मार्ग: चारधाम यात्रा (केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री) को सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष वैकल्पिक मार्ग तय किए गए हैं, जिससे यात्रियों को परेशानी न हो।
- आवश्यक सेवाएं: एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी आपातकालीन सेवाओं के लिए हिल बाईपास मार्ग पूरी तरह सुरक्षित रखा गया है।
- पैदल कांवड़ियों के लिए मार्ग: हर की पैड़ी से दिल्ली, सहारनपुर, नजीबाबाद, मुरादाबाद, देहरादून और ऋषिकेश की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित और सुगम पैदल मार्ग निर्धारित किए गए हैं।
🟢 पुलिस की अपील
हरिद्वार पुलिस ने नागरिकों से पूर्ण सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि सभी लोग यातायात नियमों का कड़ाई से पालन करें, केवल निर्धारित पार्किंग स्थलों का ही उपयोग करें और यात्रा शुरू करने से पहले ट्रैफिक प्लान देखकर ही घर से निकलें, ताकि कांवड़ मेला-2026 शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
