उत्तराखंड अल्मोड़ा के करबला कब्रिस्तान में अवैध निर्माण पर बड़ी कार्रवाई, प्रदर्शन की कोशिश करने के लिए पुलिस ने 30 लोगो को हिरासत में लिया,,,,

अल्मोड़ा। जनपद के करबला क्षेत्र स्थित कब्रिस्तान में अवैध अतिक्रमण का मामला एक बार फिर चर्चा में है। प्रशासन द्वारा जारी किए गए नोटिस के बाद संबंधित इमाम ने स्वयं ही अवैध ढांचे को ध्वस्त कर दिया। इस बीच, क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन के लिए आ रहे हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने एहतियातन हिरासत में लिया, जिससे स्थिति नियंत्रण में बनी रही।
प्रमुख बिंदु:

- अवैध निर्माण का ध्वस्तीकरण: करबला कब्रिस्तान के पास बिना अनुमति के एक कक्ष और शौचालय का निर्माण किया गया था। हिंदूवादी संगठनों की शिकायत पर प्रशासन ने जांच कराई और निर्माण को अवैध पाया। 25 अप्रैल को एसडीएम कोर्ट द्वारा जारी नोटिस के बाद, इमाम असरफ अली ने स्वयं ही कक्ष को तोड़ दिया।
- प्रशासनिक कार्रवाई: एसडीएम संजय कुमार के अनुसार, नोटिस की अवधि समाप्त होने से पूर्व ही अतिक्रमणकारी ने कक्ष हटा लिया था। प्रशासन द्वारा पूरे मामले की निगरानी की जा रही थी।
- प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की सख्ती: रविवार को ‘राष्ट्रीय सेवा संघ’ के बैनर तले लगभग 30 कार्यकर्ता हल्द्वानी और अन्य क्षेत्रों से अल्मोड़ा की ओर कूच कर रहे थे। कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका के चलते पुलिस ने उन्हें क्वारब के पास रोक लिया।
- हिरासत और रिहाई: प्रदर्शनकारी ध्वस्तीकरण स्थल तक जाने की जिद पर अड़े थे, जिसके बाद पुलिस ने संघ के अध्यक्ष हिमांशु जोशी सहित 30 लोगों को हिरासत में लेकर रानीखेत कोतवाली भेज दिया। देर शाम स्थिति सामान्य होने पर सभी को रिहा कर दिया गया।
- संगठन की मांग: प्रदर्शनकारी संगठन का तर्क है कि कब्रिस्तान के पास स्थित लगभग 400 नाली भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराकर वहां अंतरराज्यीय बस अड्डा (ISBT) बनाया जाना चाहिए।
अधिकारियों का वक्तव्य:
“अतिक्रमणकारी ने प्रशासन के नोटिस के बाद स्वयं ही निर्माण हटा लिया था। कुछ लोग जबरन क्षेत्र में प्रवेश कर शांति व्यवस्था को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे थे, जिन्हें एहतियातन हिरासत में लिया गया। वर्तमान में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है- बलवंत सिंह रावत, सीओ अल्मोड़ा
