उत्तराखंड केदारनाथ धाम के कपाट खुलने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीर्थयात्रियों के लिए जारी किया ‘विशेष पत्र’ और पांच संकल्प,,,

केदारनाथ/नई दिल्ली: उत्तराखंड की प्रसिद्ध चार धाम यात्रा का भव्य आगाज हो चुका है। बुधवार सुबह 8 बजे पूरे विधि-विधान के साथ बाबा केदारनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मंदिर में उपस्थित रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पावन अवसर पर सोशल मीडिया के माध्यम से ‘हर हर महादेव’ का जयकारा लगाया और देशवासियों के नाम एक विस्तृत पत्र लिखकर अपनी भावनाएं व्यक्त कीं।
🟢 सनातन संस्कृति और एकता का उत्सव
प्रधानमंत्री ने अपने पत्र में चार धाम यात्रा को भारत की सनातन सांस्कृतिक चेतना और ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का दिव्य उत्सव बताया। उन्होंने आदि शंकराचार्य, रामानुजाचार्य और माधवाचार्य का स्मरण करते हुए कहा कि इन यात्राओं ने सदैव भारतीय संस्कृति को नई दिशा दी है। उन्होंने शास्त्रों का उदाहरण देते हुए बताया कि तीर्थ यात्रा से प्राप्त पुण्य बड़े-बड़े यज्ञों और दान से भी अधिक होता है।
🟢 तीर्थयात्रियों के लिए पीएम मोदी के ‘पांच संकल्प’
प्रधानमंत्री ने श्रद्धालुओं से यात्रा के दौरान पांच विशेष संकल्प लेने का आग्रह किया है:
- स्वच्छता सर्वोपरि: धामों को साफ रखना और सिंगल यूज प्लास्टिक का त्याग करना।
- पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता: हिमालयी क्षेत्र की प्रकृति का संरक्षण और ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान से जुड़ना।
- सेवा और एकता: सह-यात्रियों की मदद करना और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना।
- वोकल फॉर लोकल: अपनी यात्रा के कुल बजट का 5% हिस्सा स्थानीय उत्पाद खरीदने पर खर्च करना।
- अनुशासन और मर्यादा: यात्रा के नियमों और यातायात निर्देशों का कड़ाई से पालन करना।
🟢 डिजिटल उपवास और क्रिएटर्स से अपील
पीएम मोदी ने एक अनोखा सुझाव देते हुए यात्रियों से ‘डिजिटल उपवास’ (मोबाइल का सीमित प्रयोग) रखने का अनुरोध किया ताकि वे प्रकृति का आनंद ले सकें। साथ ही, उन्होंने डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स से अपील की कि वे उत्तराखंड की स्थानीय कहानियों और परंपराओं को दुनिया तक पहुँचाने में मदद करें।
🟢 विकसित उत्तराखंड का दशक
प्रधानमंत्री ने दोहराया कि यह दशक उत्तराखंड का है। उन्होंने कहा कि राज्य आज पर्यटन और आर्थिक प्रगति के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है और सरकार के प्रयासों से चार धाम यात्रा अब पहले से अधिक सुगम, सुरक्षित और दिव्य हो गई है।
