उत्तराखंड में मोटर यान अधिनियम के नए नियम लागू , गियर और बिना गियर वाले वाहनों के लाइसेंस होगे अब अलग-2, प्रदेशभर में कहीं भी करा सकेंगे रजिस्ट्रेशन,,,

देहरादून: उत्तराखंड में जन विश्वास अधिनियम के तहत मोटर यान अधिनियम के नियमों में बड़े और अहम बदलाव किए गए हैं। नए संशोधनों के लागू होने के बाद अब वाहन चालकों, वाहन स्वामियों और लाइसेंस धारकों के लिए नियमों का पालन करना अनिवार्य कर दिया गया है। परिवहन विभाग से जुड़े इन नए बदलावों का असर सीधे तौर पर आम नागरिकों पर पड़ेगा।
🔴 लाइसेंस नियमों में बड़ा बदलाव- गियर और बिना गियर वाहन अब अलग
अब तक गियर वाली मोटरसाइकिल के लाइसेंस पर स्कूटी जैसे बिना गियर वाले दोपहिया वाहन भी चलाए जाते थे, लेकिन नए नियमों के तहत अब ऐसा नहीं होगा। गियर वाली मोटरसाइकिल के लाइसेंस धारक अब बिना गियर वाला दोपहिया वाहन नहीं चला सकेंगे। इसके लिए चालकों को अलग से लाइसेंस बनवाना होगा या अपने मौजूदा लाइसेंस में इसकी श्रेणी का विशेष उल्लेख कराना होगा। इसके अलावा, ड्राइविंग लाइसेंस की अवधि समाप्त होने पर भी वह 30 दिन तक वैध माना जाएगा, और धारक को इसी अवधि के भीतर उसका नवीनीकरण कराना होगा।
🟢 प्रदेश में कहीं भी करा सकेंगे वाहन का रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस
मोटर यान अधिनियम के संशोधन में नागरिकों को बड़ी राहत देते हुए एक स्थान की बाध्यता को समाप्त कर दिया गया है। अब प्रदेश का कोई भी नागरिक अपने गृह जिले या संबंधित उपसंभाग की सीमा से बाहर जाकर भी उत्तराखंड के किसी भी आरटीओ कार्यालय से अपने वाहन का रजिस्ट्रेशन करवा सकता है। यही नहीं, ड्राइविंग लाइसेंस के लिए भी अब राज्यभर के किसी भी आरटीओ कार्यालय से आवेदन किया जा सकता है।
🔴 बिना बीमा वाहन चलाना पड़ेगा भारी, जुर्माने के कड़े प्रावधान
वाहन बीमा को लेकर बरती जाने वाली लापरवाही अब वाहन स्वामियों की जेब पर भारी पड़ेगी। नए नियमों के तहत बिना बीमा वाहन चलाने पर जेल का प्रावधान तो समाप्त कर दिया गया है, लेकिन भारी आर्थिक दंड लागू किया गया है:
- पहली बार पकड़े जाने पर: बीमा के बेस प्रीमियम का तीन गुना अथवा 5,000 रुपये (इनमें से जो भी अधिक हो) का जुर्माना वसूला जाएगा।
- दूसरी बार पकड़े जाने पर: बीमा के बेस प्रीमियम का पांच गुना अथवा 10,000 रुपये (इनमें से जो भी अधिक हो) का आर्थिक दंड देना होगा।
