उत्तराखंड पिथौरागढ़ में कुदरत का कहर, आकाशीय बिजली गिरने से युवक की दर्दनाक मौत, भारी बारिश और ओलावृष्टि से हुआ जनजीवन अस्त-व्यस्त,,,,

पिथौरागढ़/धारचूला। सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में मौसम के बदले मिजाज ने भारी तबाही मचाई है। उच्च हिमालयी क्षेत्र में आकाशीय बिजली की चपेट में आने से एक ग्रामीण की दर्दनाक मौत हो गई है, वहीं निचले इलाकों में मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि ने आम जनजीवन के साथ-साथ कृषि को भारी नुकसान पहुँचाया है।
🔴 उच्च हिमालयी क्षेत्र में हादसा: कीड़ा-जड़ी निकालने गए युवक की मौत
धारचूला तहसील के खेत गांव निवासी 35 वर्षीय तेज सिंह पुत्र मदन सिंह, अपनी भेड़-बकरियां चराने और बेशकीमती हिमालयी जड़ी-बूटी ‘कीड़ा-जड़ी’ (यारसा गम्बू) निकालने के लिए उच्च हिमालयी क्षेत्र के रपकिया तोक गए थे।
- घटना: खराब मौसम के दौरान अचानक गिरी आकाशीय बिजली की चपेट में आने से तेज सिंह की मौके पर ही मृत्यु हो गई।
- नेटवर्क की समस्या: घटनास्थल पर मोबाइल नेटवर्क न होने के कारण साथ मौजूद ग्रामीण तुरंत प्रशासन को सूचना नहीं दे सके।
- प्रशासनिक कार्रवाई: ग्रामीण मंगलवार को शव लेकर धारचूला पहुँचे। एसडीएम आशीष जोशी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
🔴 शहरों में जलभराव: व्यवस्थाओं की खुली पोल
पिथौरागढ़ और डीडीहाट सहित जनपद के अधिकांश हिस्सों में दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट बदली। घने बादलों और तेज आंधी के साथ करीब दो घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश ने नगर निकायों की तैयारियों की पोल खोल दी।
- पिथौरागढ़ मुख्यालय: बैंक रोड और पुराना बाजार सहित कई इलाकों में नालियों का गंदा पानी सड़कों पर बहने लगा और कई घरों व दुकानों में घुस गया। गांधी चौक के खुले व्यापारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
- डीडीहाट: यहाँ भी मूसलाधार बारिश से दुकानों और रिहायशी वार्डों में जलभराव की स्थिति बनी रही।
🔴 किसानों पर दोहरी मार: फसलें और बागवानी बर्बाद
बेमौसम की इस बारिश और ओलावृष्टि ने जिले के काश्तकारों की कमर तोड़ दी है।
-
- अस्कोट व नाचनी क्षेत्र: अस्कोट में दिन में ही अंधेरा छा गया। यहाँ कद्दू, ककड़ी, मिर्च और बैंगन की पौध तहस-नहस हो गई है।
- नामली व गौला गांव: ऊंचाई वाले गांवों में तैयार गेहूं की फसल, जो सूखने के लिए खेतों में रखी गई थी, पूरी तरह खराब हो गई है।
- बागवानी को नुकसान: गोल गांव के सब्जी उत्पादक मनोहर सिंह बिष्ट के अनुसार, आंधी और ओलावृष्टि ने आम और लीची के फलों को भारी क्षति पहुँचाई है, जिससे बागवानों को बड़े आर्थिक नुकसान की आशंका है।
🔴 चेतावनी: मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों तक पर्वतीय क्षेत्रों में इसी तरह की आंधी-बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन ने उच्च हिमालयी क्षेत्रों में जाने वाले लोगों और यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
