भीषण गर्मी में ‘नेचुरल कूलेंट’ से रखें शरीर को ठंडा, लू और डिहाइड्रेशन से बचने के लिए अपनाएं ये आसान डाइट चार्ट,,,

देहरादून, 21 अप्रैल, 2026। उत्तराखंड सहित पूरे उत्तर भारत में पारा तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में केवल बाहरी सुरक्षा ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि शरीर के आंतरिक तापमान को नियंत्रित करना भी जरूरी है। विशेषज्ञों के अनुसार, खान-पान में थोड़े से बदलाव करके हम न केवल गर्मी को मात दे सकते हैं, बल्कि लू (Heatstroke) के खतरों से भी बच सकते हैं।
1. हाइड्रेशन का रखें विशेष ध्यान
गर्मी में पसीने के माध्यम से शरीर का पानी तेजी से कम होता है। इसकी पूर्ति के लिए केवल सादा पानी ही काफी नहीं है:
- नारियल पानी: यह प्राकृतिक इलेक्ट्रोलाइट्स से भरपूर होता है जो शरीर में लवण की कमी को पूरा करता है।
- नींबू पानी और शिकंजी: विटामिन-C और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर ये पेय थकान दूर कर तुरंत ऊर्जा देते हैं।
2. पारंपरिक शीतल पेय (देसी नुस्खे)
बाजार में मिलने वाले कोल्ड ड्रिंक्स के बजाय पारंपरिक पेय अधिक प्रभावी और सुरक्षित हैं:
- बेल का शरबत: बेल का फल तासीर में बेहद ठंडा होता है और यह पेट की समस्याओं को दूर रखने में रामबाण है।
- सत्तू का घोल: बिहार और उत्तर प्रदेश का यह प्रसिद्ध ‘सुपरफूड’ शरीर को घंटों तक ठंडा और ऊर्जावान रखता है।
- छाछ और लस्सी: प्रोबायोटिक्स से भरपूर छाछ पाचन तंत्र को दुरुस्त रखती है और शरीर की गर्मी सोख लेती है।
3. पानी से भरपूर फल और सब्जियां
गर्मी के मौसम में ऐसी चीजों का सेवन बढ़ा दें जिनमें जल की मात्रा 90% से अधिक हो:
- तरबूज और खरबूजा: ये फल शरीर को हाइड्रेटेड रखने का सबसे अच्छा स्रोत हैं।
- खीरा और ककड़ी: दोपहर के भोजन में सलाद के रूप में इनका प्रयोग शरीर के तापमान को संतुलित रखता है।
- लौकी और तौरी: गर्मी में हल्की और पानी वाली सब्जियां आसानी से पच जाती हैं और शरीर को भारीपन महसूस नहीं होने देतीं।
4. पुदीना और सौंफ का जादू
रसोई में मौजूद ये दो चीजें गर्मी में किसी औषधि से कम नहीं हैं:
- पुदीना: इसकी तासीर ठंडी होती है। इसे चटनी, रायता या पानी में मिलाकर पीने से ताजगी बनी रहती है।
- सौंफ का पानी: रात भर सौंफ को पानी में भिगोकर सुबह उसका सेवन करने से पेट की जलन और गर्मी शांत होती है।
विशेषज्ञों की महत्वपूर्ण राय
डॉक्टरों का मानना है कि गर्मी के दौरान अत्यधिक चाय, कॉफी और मसालेदार भोजन से बचना चाहिए, क्योंकि ये शरीर में पित्त बढ़ाते हैं। साथ ही, बहुत अधिक ठंडा (बर्फ वाला) पानी पीने के बजाय मटके का पानी पीना स्वास्थ्य के लिए अधिक लाभकारी है।
याद रखें: दोपहर के समय बाहर निकलते वक्त अपने साथ पानी की बोतल और छाता जरूर रखें। शरीर को शीतल रखना केवल आराम के लिए नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए भी अनिवार्य है।
