उत्तराखंड में महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक में अगस्त तक 3,211 पदों पर भर्ती और जुलाई अंत तक बच्चों की विशिष्ट आईडी बनाने के कड़े निर्देश,,

देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने राज्य में महिला एवं बाल विकास सेवाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने विधानसभा स्थित सभागार कक्ष में विभागीय उच्च अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई और धरातल पर कार्यों को गति देने के लिए अधिकारियों को सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए।
🟢 चुनावी ड्यूटी के बावजूद आंगनबाड़ी केंद्रों पर उपस्थिति अनिवार्य
बैठक के दौरान मंत्री रेखा आर्या ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की कार्यप्रणाली को लेकर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने निर्देश दिए कि यदि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की ड्यूटी बीएलओ (BLO) या अन्य किसी चुनावी कार्य में लगाई जाती है, तब भी उन्हें प्रतिदिन कम से कम एक घंटे अनिवार्य रूप से अपने मूल आंगनबाड़ी केंद्र पर उपस्थित रहना होगा। सरकार ने साफ किया है कि किसी भी परिस्थिति में विभागीय योजनाओं का संचालन बाधित नहीं होना चाहिए।
🟢 अगस्त 2026 तक भरे जाएंगे 3,211 रिक्त पद
प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्रों पर मानव संसाधन की कमी को दूर करने के लिए सरकार ने समय-सीमा निर्धारित कर दी है। समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि अगस्त 2026 के अंत तक कुल 3,211 रिक्त पदों पर शत-प्रतिशत नियुक्तियां सुनिश्चित की जाएं। इसमें 438 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और 2,773 सहायिकाओं के पद शामिल हैं। इस कदम से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के केंद्रों में काम का दबाव कम होगा और सेवाओं में सुधार आएगा।
🟢 पोषण ट्रैकर ऐप में लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
महिला एवं बाल विकास विभाग की अधिकांश योजनाएं केंद्र सरकार द्वारा वित्तपोषित हैं, जिनकी नियमित ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जाती है। इस बात को रेखांकित करते हुए मंत्री ने कहा कि ‘पोषण ट्रैकर ऐप’ (Poshan Tracker App) पर डेटा अपलोड करने और बच्चों के वजन की नियमित निगरानी में कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डेटा फीडिंग या मॉनिटरिंग में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ तत्काल सख्त विभागीय व दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
🟢 जुलाई 2026 के अंत तक बच्चों की विशिष्ट पहचान आईडी बनाने का लक्ष्य
आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत बच्चों के अनिवार्य दस्तावेजों को लेकर बैठक में नाराजगी व्यक्त की गई। धीमी प्रगति पर कड़ा रुख अपनाते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि जुलाई 2026 के अंत तक सभी पंजीकृत बच्चों के आधार कार्ड और अपार (APAAR) आईडी बनाने का कार्य शत-प्रतिशत पूरा कर लिया जाए। तय समय सीमा के बाद कार्य अधूरा पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
🟢 मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त करने के निर्देश
बच्चों और महिलाओं को बेहतर माहौल देने के लिए मंत्री आर्या ने बुनियादी ढांचे में सुधार पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी केंद्रों पर समय से पोषण सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही बिजली, स्वच्छ पेयजल, सुलभ शौचालय और आधुनिक रसोई (किचन) जैसी मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर ठीक किया जाए।
”राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और बच्चों से जुड़ी सभी कल्याणकारी योजनाओं को पूरी पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्ध तरीके से धरातल पर लागू करना है। इसमें किसी भी स्तर पर ढिलाई स्वीकार्य नहीं होगी – रेखा आर्या, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री, उत्तराखंड
