“देश-दुनियां” सुरों की मलिका का अंत, आशा भोसले का 92 वर्ष की उम्र में निधन, संगीत जगत सहित पूरे देश में शोक क लहर,,,

“मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में चल रहा था इलाज, सोमवार को शिवाजी पार्क में होगा अंतिम संस्कार”
मुंबई: भारतीय संगीत जगत से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। सुरों की मलिका और दिग्गज गायिका आशा भोसले का 92 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनके निधन से देश-विदेश में फैले करोड़ों प्रशंसकों के बीच शोक की लहर दौड़ गई है।
🟢 अस्पताल में चल रहा था इलाज
बताया जा रहा है कि तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्हें सीने में संक्रमण और अत्यधिक थकावट की शिकायत थी। अस्पताल की इमरजेंसी मेडिकल यूनिट में उनका इलाज चल रहा था। परिवार और फैंस लगातार उनके स्वस्थ होने की कामना कर रहे थे, लेकिन रविवार को उन्होंने अंतिम सांस ली।
🟢 परिवार ने की पुष्टि
गायिका के बेटे आनंद भोसले ने उनके निधन की पुष्टि की है। वहीं, उनकी पोती जनाई भोसले ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से पहले उनकी खराब सेहत की जानकारी साझा की थी।
🟢 अंतिम दर्शन और संस्कार
आशा भोसले का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए लोअर परेल स्थित उनके आवास पर रखा जाएगा। सोमवार शाम 4 बजे मुंबई के शिवाजी पार्क में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
🟢 7 दशक लंबा शानदार करियर
8 सितंबर 1933 को जन्मीं आशा भोसले ने करीब सात दशकों तक संगीत जगत में अपनी आवाज का जादू बिखेरा। उन्होंने मराठी फिल्म ‘माझा बाल’ (1943) से अपने करियर की शुरुआत की और 1948 में बॉलीवुड फिल्म ‘चुनरिया’ से पार्श्वगायन में कदम रखा।
उनके हजारों गाने आज भी लोगों के दिलों में बसे हुए हैं और नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बने हुए हैं।
🟢 संगीत जगत की अपूरणीय क्षति
आशा भोसले का निधन भारतीय संगीत इंडस्ट्री के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनकी सुरीली आवाज, बहुमुखी प्रतिभा और अनगिनत हिट गाने हमेशा अमर रहेंगे।
