उत्तराखंड अग्निवीरों के लिए उत्तराखंड सरकार का बड़ा फैसला, देश का पहला ‘अग्निवीर सेल’ होगा गठित, होमस्टे योजना में मिलेगा विशेष अनुदान,,,,

देहरादून। सेना से सेवामुक्त होने वाले अग्निवीरों के सुरक्षित और सम्मानजनक भविष्य के लिए उत्तराखंड सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की है कि राज्य में एक समर्पित ‘अग्निवीर सेल’ का गठन किया जाएगा, जो पूर्व अग्निवीरों को रोजगार, स्वरोजगार और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए ‘एकल सुविधा केंद्र’ (सिंगल विंडो सिस्टम) के रूप में कार्य करेगा। ऐसा समर्पित सेल बनाने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य होगा।
यह घोषणा मुख्यमंत्री ने कुआंवाला स्थित यूथ फाउंडेशन ट्रेनिंग एरिया में आयोजित ‘युवा अग्निवीर संवाद’ कार्यक्रम के दौरान की। इस अवसर पर उन्होंने पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों के कल्याण के लिए कई अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं का भी एलान किया।
🟢 मुख्य बिंदु
- होमस्टे योजना में विशेष अनुदान: पर्यटन विभाग की होमस्टे योजना के तहत पूर्व सैनिकों और सेवामुक्त अग्निवीरों को विशेष आर्थिक अनुदान दिया जाएगा।
- सीमांत गांवों का विकास: सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले पूर्व सैनिकों, अग्निवीरों और स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार शुरू करने के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा विकसित करने में सरकार वित्तीय सहयोग प्रदान करेगी।
- 10% क्षैतिज आरक्षण: मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि राज्य सरकार पहले ही अग्निवीरों को पुलिस, वन विभाग और आपदा प्रबंधन जैसी सरकारी सेवाओं में 10 प्रतिशत क्षैतिज (Horizontal) आरक्षण दे चुकी है। इसके साथ ही उन्हें आयु सीमा में छूट और प्राथमिकता भी दी जा रही है।
🟢 सैनिक कल्याण के लिए लिए गए अन्य बड़े निर्णय
मुख्यमंत्री धामी ने सरकार द्वारा पूर्व में सैनिक कल्याण के लिए उठाए गए कदमों को भी रेखांकित किया:
- देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिकों के परिवारों को मिलने वाली अनुग्रह राशि को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये कर दिया गया है।
- शहीदों के आश्रितों को सरकारी सेवा में समायोजन और नौकरी के आवेदन की समय-सीमा को 2 वर्ष से बढ़ाकर 5 वर्ष किया गया है।
- युद्ध विधवाओं, दिव्यांग सैनिकों और पूर्व सैनिकों के सम्मानजनक अंतिम संस्कार के लिए आर्थिक सहायता में बढ़ोतरी की गई है।
इस कार्यक्रम में विधायक बृजभूषण गैरोला, यूथ फाउंडेशन के संस्थापक कर्नल (सेवानिवृत्त) अजय कौठियाल, मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) गुलाब सिंह रावत, जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान और एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल सहित बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक और युवा उपस्थित रहे।
