“महिला क्रिकेट” वैष्णवी शर्मा की कातिलाना गेंदबाजी (5 विकेट) और शेफाली वर्मा की तूफानी फिफ्टी की बदौलत भारत ने दर्ज की एकतरफा जीत,,,

वडोदरा। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने अपने बेहतरीन प्रदर्शन को जारी रखते हुए तीसरे और अंतिम वनडे मुकाबले में जिम्बाब्वे को 8 विकेट से करारी शिकस्त दी। इसके साथ ही भारत ने तीन मैचों की वनडे सीरीज में 3-0 से क्लीन स्वीप कर लिया। इससे पहले टी-20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला में भी भारत ने 3-0 से जीत दर्ज की थी। हरमनप्रीत कौर के कप्तानी छोड़ने के बाद नियमित कप्तान के तौर पर स्मृति मंधाना की यह पहली वनडे सीरीज थी, जिसमें टीम ने शानदार सफलता हासिल की।
🏏 वैष्णवी शर्मा का ऐतिहासिक पंजा

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी जिम्बाब्वे की शुरुआत बेहद खराब रही। अपना केवल तीसरा वनडे खेल रहीं 20 वर्षीय बाएं हाथ की स्पिनर वैष्णवी शर्मा ने घातक गेंदबाजी करते हुए 39 रन देकर 5 विकेट झटके। वे दीप्ति शर्मा (18 वर्ष की उम्र में 5 विकेट) के बाद भारत की ओर से वनडे में 5 विकेट हॉल लेने वाली सबसे युवा महिला गेंदबाज बन गई हैं। जिम्बाब्वे के लिए मुपाचिक्वा ने सर्वाधिक 37 रनों का योगदान दिया, लेकिन पूरी टीम 38.2 ओवर में महज 131 रनों पर सिमट गई।
🏏शेफाली और प्रतिका की आक्रामक साझेदारी

132 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को शुरुआती झटका लगा, जब दो साल बाद वनडे टीम में लौटीं यास्तिका भाटिया बिना खाता खोले पहली ही गेंद पर आउट हो गईं। इसके बाद प्रतिका रावल (59*) और पहली बार नंबर 4 पर उतरीं शेफाली वर्मा (51*) ने पारी को संभाला। शेफाली ने मात्र 26 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया, जो भारतीय महिला वनडे इतिहास का दूसरा सबसे तेज अर्धशतक है। दोनों बल्लेबाजों ने तीसरे विकेट के लिए नाबाद 74 रनों की साझेदारी कर टीम को 17 ओवर में 2 विकेट के नुकसान पर 132 रन बनाकर आसान जीत दिला दी। मैच में 5 विकेट लेने वाली वैष्णवी शर्मा को ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया।
