उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में स्मैक तस्करी का भंडाफोड़, 40.78 ग्राम स्मैक के साथ सैन्यकर्मी की पत्नी और उसका साथी गिरफ्तार,,,

पिथौरागढ़: जनपद में नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस और एसओजी (SOG) की संयुक्त टीम को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। टनकपुर-पिथौरागढ़ हाईवे पर घाट चौकी के समीप घेराबंदी कर एक कार से 40.78 ग्राम स्मैक बरामद की गई। इस मामले में एक युवक और एक सैन्यकर्मी की पत्नी को गिरफ्तार किया गया है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।
🔴 घाट चौकी के पास घेराबंदी कर दबोचा
पुलिस और एसओजी को मुखबिर से सूचना मिली थी कि मैदानी क्षेत्र से एक कार में स्मैक की खेप पिथौरागढ़ लाई जा रही है, जिसे स्थानीय युवाओं को ऊंचे दामों पर बेचा जाना था। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए टीम ने घाट चौकी के पास संदिग्ध कार को रोका। तलाशी के दौरान कार के डैशबोर्ड से 40.78 ग्राम स्मैक बरामद हुई। चालक ने मौके से भागने का प्रयास किया, लेकिन मुस्तैद टीम ने दोनों को दबोच लिया। पुलिस ने तस्करी में प्रयुक्त कार को भी जब्त कर लिया है।
🔴 गिरफ्तार आरोपियों की पहचान

पकड़े गए आरोपियों की शिनाख्त निम्न रूप में हुई है:
- हिमांशु जोशी उर्फ हेम (31 वर्ष): ओल्ड आवास, टकाना, पिथौरागढ़।
- ज्योत्सना खाती उर्फ ज्योति (35 वर्ष): मदली तल्ली, चंपावत (वर्तमान निवासी ओल्ड आवास, टकाना, पिथौरागढ़)।
🔴 बचपन की दोस्ती और नशे की लत ने धकेला अपराध में
पुलिस जांच में सामने आया है कि हिमांशु और ज्योत्सना बचपन के दोस्त हैं। आरोपी हिमांशु लंबे समय से स्मैक का आदी था। दोनों खटीमा के झनकट क्षेत्र से स्मैक खरीदकर लाए थे, जिसे वे खुद इस्तेमाल करने के साथ-साथ युवाओं को महंगे दामों पर बेचने की फिराक में थे। ज्योत्सना एक सैन्यकर्मी की पत्नी है, जिसके पति भारतीय सेना में देश की सुरक्षा के लिए सीमा पर तैनात हैं। वह चार साल के एक मासूम बच्चे की मां भी है, लेकिन पति की गैरमौजूदगी में वह अपने दोस्त के साथ मिलकर स्मैक तस्करी के नेटवर्क में शामिल हो गई।
🔴 सख्त कानूनी कार्रवाई और नेटवर्क खंगालने के निर्देश
मामले की पुष्टि करते हुए पुलिस अधीक्षक रेखा यादव / अक्षय प्रहलाद कोंडे ने बताया कि नशा तस्करी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस पूरे मामले में स्मैक तस्करी की सप्लाई चेन और बैकवर्ड लिंकेज की पूरी पड़ताल की जा रही है, ताकि नशे के इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य आरोपियों तक भी पहुंचा जा सके।
