उत्तराखंड हरिद्वार रेलवे स्टेशन और चलती ट्रेनों में चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, तीन आरोपी गिरफ्तार, लैपटॉप और मोटरसाइकिल बरामद,,,

हरिद्वार। रेलवे स्टेशन और चलती ट्रेनों में यात्रियों का सामान चुराने वाले सक्रिय गिरोह के खिलाफ जीआरपी ने बड़ी कार्रवाई की है। जीआरपी ने अलग-अलग चोरी के मामलों में संलिप्त तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से चोरी का सामान बरामद किया है।
- घटनास्थल: हरिद्वार रेलवे स्टेशन और चलती ट्रेनें।
- गिरफ्तारी: जीआरपी (GRP) ने चोरी के अलग-अलग मामलों में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
- बरामदगी: आरोपियों के कब्जे से चोरी किए गए दो लैपटॉप और एक मोटरसाइकिल बरामद की गई है।
- कारਵਾਈ: तीनों आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।
एसएपी जीआरपी अरुणा भारती ने जानकारी दी कि मामलों की गंभीरता को देखते हुए एसएचओ बिपिन चंद्र पाठक के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था, जिसने त्वरित कार्रवाई करते हुए सफलता हासिल की।
🔴 विभिन्न वारदातों का विवरण:
- पहला मामला (नंदा देवी एक्सप्रेस): 12 सितंबर को नंदा देवी एक्सप्रेस से हरिद्वार पहुंचे गोविंद प्रसाद गुप्ता (निवासी: शहर तेलपा, थाना शहर तेलपा, जिला अरवल, बिहार) का प्लेटफार्म नंबर एक से लैपटॉप चोरी हो गया था। इस मामले में पुलिस ने आरोपी दीपक उर्फ वंस (निवासी: दिल्ली रोड, गागल, मुरादाबाद) को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर लैपटॉप बरामद किया।
- दूसरा मामला (मोटरसाइकिल चोरी): टिकट घर के पीछे से एक बाइक चोरी हुई थी, जिसमें सफाईकर्मी विकास कुमार (निवासी: ग्राम शेरपुर, जिला मुजफ्फरनगर) के बयान पर रोहन उर्फ टेढ़ा (निवासी: ग्राम जसौला, थाना खतौली, जिला मुजफ्फरनगर) को गिरफ्तार कर बाइक बरामद की गई।
- तीसरा मामला (देहरादून-काठगोदाम ट्रेन): निहारिका पांडे का देहरादून-काठगोदाम ट्रेन से लैपटॉप चोरी हुआ था। इस मामले में पुलिस ने सुनील कुमार (निवासी: बिटवाना, थाना मॉडल टाउन, जिला रेवाड़ी, हरियाणा) को रायवाला-मोतीचूर क्षेत्र से गिरफ्तार कर लैपटॉप बरामद किया।
🔴 एक अन्य मामला: 1.76 लाख की साइबर ठगी दर्ज
इसके अतिरिक्त, बिल्केश्वर रोड स्थित झलकारी बस्ती निवासी एक व्यक्ति के साथ 1,76,500 रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। अज्ञात ठग द्वारा रकम हड़पे जाने के बाद पीड़ित ने साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई। कोतवाली नगर पुलिस ने इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज कर ली है और साइबर सेल की मदद से खातों की जानकारी जुटाई जा रही है।
