उत्तराखंड प्रदेश में अब होमस्टे संचालकों को मिलेगा इको-फ्लावर बैज, पर्यटन विभाग की पहल, 10 मानकों पर परखी जाएगी ग्रीन मान्यता- सतपाल महाराज

देहरादून। उत्तराखंड में हरित और पर्यावरण अनुकूल पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन विभाग ने होमस्टे और बेड एंड ब्रेकफास्ट (बीएंडबी) संचालकों को ग्रीन मान्यता दिलाने की नई पहल की है। सस्टेनेबल नेशनल स्टैंडर्ड्स फॉर टूरिज्म (एसएनएसटी) के तहत होमस्टे को 10 मानकों पर तीन श्रेणी में ग्रीन मान्यता दी जाएगी।
पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि राज्य को हरित व सतत पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने प्रदेश के सभी होमस्टे संचालकों से अपील की है कि वे अपनी इकाइयों का अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराएं और ग्रीन मान्यता अपनाकर राज्य के पर्यावरण संरक्षण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।
🟢 सेवा सप्ताह के दौरान विशेष अभियान
उत्तराखंड टूरिज्म एक वैकल्पिक ग्रीन मान्यता कार्यक्रम संचालित करेगा। सेवा सप्ताह के दौरान राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों व पर्यटक आवास गृहों में विशेष स्वच्छता अभियान और योजनाओं का प्रचार-प्रसार किया जाएगा। पर्यटन मंत्री ने कहा कि होमस्टे और पर्यटकों की सुरक्षा हमारी ग्रामीण अर्थव्यवस्था और स्थानीय आतिथ्य की रीढ़ हैं। सेवा सप्ताह के दौरान अधिक से अधिक होमस्टे को पंजीकृत कर आधिकारिक पहचान दिलाने का लक्ष्य रखा गया है।
🟢 इको-फ्लावर बैज और विशेष प्रोत्साहन
जो होमस्टे सौर ऊर्जा, वर्षा जल संचयन, कचरा प्रबंधन तथा प्लास्टिक मुक्त प्रथाओं का पालन करेंगे, उन्हें विभाग की ओर से इको-फ्लावर बैज व विशेष सरकारी प्रोत्साहन दिया जाएगा। इससे पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ पर्यटकों को भी बेहतरीन और हरित सुविधाएं मिल सकेंगी।
