उत्तराखंड हरिद्वार कांवड़ यात्रा में स्वच्छता व्यवस्था को मिली हाई-टेक सफाई की व्यवस्था, निगम द्वारा ड्रोन से की जा रही रियल-टाइम मॉनिटरिंग,,,

हरिद्वार: इस वर्ष की कांवड़ यात्रा के दौरान नगर निगम प्रशासन ने स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए आधुनिक तकनीक का अभूतपूर्व इस्तेमाल किया है। मेला क्षेत्र में साफ-सफाई की स्थिति को दुरुस्त बनाए रखने के लिए उन्नत ड्रोन आधारित निगरानी प्रणाली अपनाई गई है, जिससे आसमान से हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है।
🟢 करोड़ों श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच मानवीय निगरानी की चुनौती

नगर आयुक्त नंदन कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि कांवड़ यात्रा में उमड़ने वाली करोड़ों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण पूरे मार्ग पर हर एक कोने की लगातार मानवीय निगरानी करना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। इसी चुनौती से निपटने के लिए नगर निगम ने आसमान से रियल-टाइम निगरानी का प्रभावी रास्ता चुना है। कांवड़ मार्गों पर ड्रोन लगातार उड़ान भर रहे हैं और उन दुर्गम स्थानों की भी सटीक पहचान कर रहे हैं जहां सामान्य निरीक्षण दलों की नजर तुरंत नहीं पहुंच पाती।
🟢 वाट्सएप कमांड ग्रुप के जरिए त्वरित कार्रवाई
ड्रोन तकनीक के कार्य करने की प्रक्रिया बेहद हाई-टेक और पारदर्शी है:
- लोकेशन शेयरिंग: झाड़ियों, डिवाइडरों, बैरिकेडिंग के पीछे या भारी भीड़ के बीच छिपा हुआ कोई भी कचरा नजर आते ही ड्रोन टीम तुरंत उस स्थान का स्पष्ट फोटोग्राफ और जियोटैग लोकेशन नगर निगम के आधिकारिक वाट्सएप कमांड ग्रुप पर शेयर करती है।
- सक्रिय कमांड सेंटर: इस विशेष ग्रुप में सभी सफाई निरीक्षक, जोन प्रभारी और ड्रोन टीम के सदस्य जुड़े हुए हैं।
- जिम्मेदारी और समाधान: फोटो अपलोड होते ही संबंधित क्षेत्र के सफाई निरीक्षक को टैग कर दिया जाता है, जिसके बाद फौरन सफाई दल को मौके पर रवाना किया जाता है।
- आफ्टर क्लीनिंग रिपोर्ट: सफाई कार्य पूरा होने के तुरंत बाद उसी स्थान की साफ-सुथरी स्थिति का फोटो (‘आफ्टर क्लीनिंग’ शॉट) ग्रुप में साझा किया जाता है, जिससे पूरी व्यवस्था जवाबदेह बन गई है।
🟢 मवेशियों को हटाने और यातायात सुगम बनाने में भी मददगार
केवल कचरा उठाने तक ही नहीं, बल्कि इस ड्रोन तकनीक का उपयोग कांवड़ मार्ग पर घूमने वाले आवारा पशुओं को समय रहते हटाने के लिए भी किया जा रहा है। इससे न केवल सड़कों पर स्वच्छता बनी हुई है, बल्कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और उनका निर्बाध आवागमन भी सुनिश्चित हो रहा है।
🟢 निगम का स्पष्ट उद्देश्य- प्रभावी और पारदर्शी प्रबंधन
इसके अलावा ड्रोन के जरिए सफाई दलों की तैनाती, डस्टबिन की स्थिति, संवेदनशील क्षेत्रों के निरीक्षण और सड़क किनारे जमा अपशिष्ट की बारीकी से पहचान की जा रही है। नगरायुक्त ने स्पष्ट किया कि निगम का मुख्य उद्देश्य केवल औपचारिकता निभाना नहीं, बल्कि तकनीक के सफल प्रयोग से स्वच्छता प्रबंधन को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है।
