नई दिल्ली बृजभूषण शरण सिंह यौन उत्पीड़न मामले में दिल्ली कोर्ट के फैसले के बाद महिला पहलवान इस फैसले को हाई कोर्ट में देंगी चुनौती,,,,

नई दिल्ली। भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह को महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के मामले में दिल्ली की अदालत ने बरी कर दिया है। इस फैसले के बाद देशभर में एक बार फिर इस बहुचर्चित मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। अदालत से राहत मिलने के बाद जहां बृजभूषण शरण सिंह ने इसे “सत्य की जीत” बताया, वहीं ओलंपियन पहलवान विनेश फोगाट ने साफ कर दिया है कि महिला पहलवान इस फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती देंगी।
🔴 आइए जानते हैं क्या था पूरा मामला?
यह मामला साल 2023 में उस समय सुर्खियों में आया था, जब देश की कई नामी महिला पहलवानों ने तत्कालीन WFI अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न और अनुचित व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए थे। इन आरोपों के विरोध में विनेश फोगाट, साक्षी मलिक, बजरंग पूनिया समेत कई अंतरराष्ट्रीय स्तर के पहलवानों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर लंबा आंदोलन किया था। करीब 149 दिनों तक चले इस आंदोलन ने राष्ट्रीय राजनीति और खेल जगत दोनों पर गहरा प्रभाव डाला। लगातार बढ़ते दबाव के बाद दिल्ली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और बाद में चार्जशीट अदालत में दाखिल की गई।
🔴 दिल्ली कोर्ट का फैसला और आधार
दिल्ली की अदालत ने सोमवार को छह महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए आरोपों से जुड़े मामले में फैसला सुनाते हुए बृजभूषण शरण सिंह को बरी कर दिया। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर उन्हें दोषी नहीं माना और राहत प्रदान की। इस फैसले के बाद कानूनी हलकों में यह बहस शुरू हो गई है कि क्या यह मामला अब पूरी तरह समाप्त हो गया है या उच्च न्यायालय में इसकी आगे सुनवाई होगी।
🔴 विनेश फोगाट की नाराजगी और उच्च न्यायालय जाने की तैयारी
फैसले के बाद विनेश फोगाट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि महिला पहलवानों को एक प्रभावशाली नेता के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए भी लंबा संघर्ष करना पड़ा। उन्होंने लिखा कि डर और दबाव के कारण कई लड़कियां पीछे हट गईं, लेकिन कुछ पहलवान अदालत में डटी रहीं।
विनेश ने इस फैसले पर गहरी निराशा जताते हुए अपने वकीलों को दिल्ली हाई कोर्ट में अपील दायर करने के निर्देश दे दिए हैं। उनके अनुसार, यह लड़ाई केवल व्यक्तिगत नहीं बल्कि देश की महिला खिलाड़ियों के सम्मान और सुरक्षा से जुड़ा हुआ गंभीर मुद्दा है।
🔴 बृजभूषण शरण सिंह की प्रतिक्रिया
अदालत से बरी होने के बाद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि उन्हें शुरू से ही भारतीय न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था। उन्होंने अपने समर्थकों का धन्यवाद करते हुए कहा:
“मैंने पहले भी कहा था कि यदि आरोप साबित हुए तो मैं स्वयं फांसी पर चढ़ जाऊंगा। आज अदालत ने मुझे निर्दोष माना है। यह सत्य और न्याय की जीत है।”
🔴 क्या मामला अब पूरी तरह खत्म हो गया है?
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, निचली अदालत के इस फैसले के बावजूद मामला पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है, क्योंकि शिकायतकर्ता पक्ष के पास उच्च न्यायालय में अपील करने का पूरा अधिकार है। यदि हाई कोर्ट अपील स्वीकार करता है, तो मामले की दोबारा सुनवाई हो सकती है।
फिलहाल महिला पहलवानों की ओर से उच्च न्यायालय में अपील की तैयारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यह कानूनी विवाद अभी आगे भी जारी रहेगा।
