NEET विवाद, ‘असफल होना स्वीकार्य है, पर धोखा देना नहीं’ युवाओं के समर्थन में सचिन तेंदुलकर ने दिया संदेश,,,,,
नई दिल्ली: देशभर में जारी NEET परीक्षा विवाद के बीच भारतीय क्रिकेट के महान पूर्व खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर ने छात्रों के समर्थन में बड़ा संदेश दिया है। उन्होंने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, ईमानदारी और मेरिट (योग्य प्रतिभा) को प्राथमिकता देने की जोरदार वकालत की है।
🟢 ईमानदारी और मेहनत का सम्मान हो

छात्रों को संबोधित करते हुए सचिन तेंदुलकर ने कहा, “जीवन में असफल होना स्वीकार्य है, लेकिन धोखा देना कतई स्वीकार्य नहीं है।” उन्होंने कहा कि कड़ी मेहनत करने वाले युवाओं का भविष्य सुरक्षित होना चाहिए और उन्हें उनकी प्रतिभा का पूरा न्याय मिलना चाहिए।
🟢 छात्रों की निराशा जायज़
तेंदुलकर ने वर्तमान परिस्थितियों में युवाओं और परीक्षार्थियों के मन में पनप रहे असंतोष और निराशा को पूर्णतः जायज़ ठहराया। उन्होंने समाज, प्रशासन और शिक्षा प्रणाली से एक ऐसा माहौल और व्यवस्था बनाने की अपील की जहाँ:
- हर छात्र की मेहनत का निष्पक्ष सम्मान हो।
- धोखाधड़ी और अनियमितताओं पर पूर्ण विराम लगे।
- युवाओं का भविष्य सुरक्षित और पारदर्शी बना रहे।
🟢 पारदर्शिता की उठ रही माँग
NEET परीक्षा को लेकर देश के विभिन्न हिस्सों में छात्रों और अभ्यर्थियों का प्रदर्शन जारी है। ऐसे में सचिन तेंदुलकर जैसे वैश्विक आइकॉन का यह बयान मेहनत करने वाले लाखों परीक्षार्थियों को संबल देने के साथ-साथ पारदर्शी व्यवस्था निर्माण की दिशा में एक अहम संदेश देता है।

