उत्तराखंड में कुदरत का कहर- भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, चारधाम यात्रा पर ब्रेक, देहरादून-मसूरी मार्ग बंद और 162 सड़कें ठप,,,,

देहरादून: उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने पूरे प्रदेश में भारी तबाही मचाई है। नदियों के उफान, लगातार हो रहे भूस्खलन (लैंडस्लाइड) और सड़कों के बंद होने से पर्वतीय से लेकर मैदानी इलाकों तक जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। बिगड़ते मौसम और हादसों की आशंका को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है। यात्रियों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए ऐतिहासिक एवं पवित्र चारधाम यात्रा को फिलहाल अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।
🔴 21 जुलाई के लिए 4 जिलों में ‘रेड अलर्ट’, बाकी में ‘ऑरेंज अलर्ट’
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने प्रदेश के लिए गंभीर चेतावनी जारी की है:
- रेड अलर्ट: देहरादून, हरिद्वार, टिहरी और बागेश्वर जिलों में अत्यंत तीव्र से अति तीव्र बारिश का पूर्वानुमान है।
- ऑरेंज अलर्ट: उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, नैनीताल और पिथौरागढ़ सहित राज्य के बाकी सभी जनपदों के लिए जारी किया गया है।
- अत्यधिक वर्षा वाले क्षेत्र: पिछले 24 घंटों में उधमसिंह नगर के किच्छा में सर्वाधिक 130 मिमी, देहरादून के मालदेवता में 103 मिमी और हाथीबड़कला में 95 मिमी बारिश दर्ज की गई है।
🔴 पिथौरागढ़ और बागेश्वर में स्कूल व आंगनबाड़ी केंद्र बंद
मौसम विभाग की चेतावनी के बाद स्थानीय प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं:
- स्कूलों में अवकाश: पिथौरागढ़ और बागेश्वर जनपदों में 21 जुलाई को सभी सरकारी व निजी शिक्षण संस्थानों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में छुट्टी घोषित की गई है।
- अपील: प्रशासन ने आम जनता से नदियों, नालों और संवेदनशील पहाड़ी इलाकों से दूर रहने तथा अति-आवश्यक काम न होने पर यात्रा से बचने की अपील की है।
🔴 मसूरी के झाड़ीपानी में लैंडस्लाइड, देहरादून-मसूरी मुख्य मार्ग बंद
पहाड़ों की रानी मसूरी में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। झाड़ीपानी क्षेत्र में पहाड़ी से अचानक भारी मात्रा में मलबा और पत्थर गिरने के कारण यातायात ठप हो गया है।
- स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने देहरादून-मसूरी मुख्य मार्ग को एहतियातन बंद कर दिया है।
- यातायात को डाइवर्ट कर स्लाइडिंग ज़ोन में वन-वे व्यवस्था लागू की गई है, जहाँ PWD की टीमें कटान कार्य में जुटी हैं।
🔴 तमक नाला उफान पर, अलकनंदा और धौलीगंगा का जलस्तर बढ़ा
चमोली जिले में बारिश के कारण स्थिति चिंताजनक बनी हुई है:
- सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण नीति घाटी स्थित तमक नाला प्रचंड उफान पर आ गया है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों में भय का माहौल है।
- अलकनंदा और धौलीगंगा नदियों के जलस्तर में तेज उछाल को देखते हुए नदी तटों के पास बसे इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है।
🔴 प्रदेश भर में 162 सड़कें ठप, 600 से अधिक मशीनें तैनात
लगातार हो रहे भूस्खलन से राज्य का सड़क संपर्क नेटवर्क बुरी तरह प्रभावित हुआ है:
- अवरुद्ध सड़कें: कुल 162 सड़कें बंद हैं, जिनमें 126 PMGSY ग्रामीण सड़कें, 36 PWD सड़कें और 1 BRO सीमांत सड़क शामिल हैं।
- राहत कार्य: लोक निर्माण विभाग और आपदा प्रबंधन ने मलबा हटाने के लिए 600 से अधिक जेसीबी और डोजर मशीनें तैनात की हैं। हालांकि, लगातार गिरते पत्थरों से राहत कार्य में बाधा आ रही है।
- जिलावार स्थिति: चमोली में 23 सड़कें, जबकि अल्मोड़ा में दर्जनभर ग्रामीण सड़कें पूरी तरह ठप हैं। अल्मोड़ा के जागेश्वर क्षेत्र में कई गांवों की बिजली आपूर्ति भी बंद हो गई है।
🔴 चारधाम यात्रा पर ब्रेक, श्रद्धालुओं से सुरक्षित स्थानों पर रुकने की अपील
गढ़वाल कमिश्नर ने केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री यात्रा मार्गों पर लैंडस्लाइड के बढ़ते खतरे को देखते हुए यात्रा को फिलहाल स्थगित कर दिया है।
- मार्ग बाधित होने से जगह-जगह फंसे हज़ारों श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों, होटलों या रैन बसेरों में रुकने की सलाह दी गई है।
- मौसम साफ होने और मार्ग सुचारु होने के बाद ही यात्रा दोबारा शुरू करने की अनुमति दी जाएगी।
🟢 आगामी दिनों का मौसम पूर्वानुमान (22 से 24 जुलाई)
मौसम विभाग के अनुसार आगामी दिनों में भी बारिश से राहत मिलने के आसार नहीं हैं:
- 22 जुलाई: उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में भारी बारिश व आकाशीय बिजली चमकने की संभावना।
- 23 जुलाई: बागेश्वर और पिथौरागढ़ में भारी बारिश की चेतावनी, अन्य जिलों में मध्यम वर्षा।
- 24 जुलाई: देहरादून और नैनीताल जिलों में एक बार फिर भारी बारिश का नया दौर शुरू होने का अनुमान।
