उत्तराखंड पिथौरागढ़ में मूसलाधार बारिश ने मचाया कोहराम, चीन सीमा सड़क सहित प्रदेश के यह 20 मार्ग हुए बंद, सैकड़ों यात्री फंसे, स्कूल बंद,,,

पिथौरागढ़: उत्तराखंड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ में मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। लगातार हो रही भारी वर्षा और भूस्खलन के कारण चीन सीमा को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग धारचूला-तवाघाट समेत जिले की 20 प्रमुख सड़कें मलबे की चपेट में आ गई हैं। इन मार्गों के अवरुद्ध होने से विभिन्न रूटों पर सैकड़ों की संख्या में यात्री और वाहन फंसे हुए हैं। मौसम के गंभीर रुख को देखते हुए प्रशासन ने शुक्रवार को जिले के सभी स्कूलों में एहतियातन अवकाश घोषित कर दिया है।
🔴 बारिश के आंकड़े- थल में हुई सबसे ज्यादा 199 मिमी वर्षा
गुरुवार रात से शुरू हुआ बारिश का सिलसिला पूरे जिले में कहर बनकर टूटा। जिला मौसम नियंत्रण कक्ष से मिले आंकड़ों के अनुसार, सबसे गंभीर स्थिति थल तहसील में रही, जहां रिकॉर्ड 199 मिमी बारिश दर्ज की गई।
- थल: 199 मिमी
- तेजम: 130 मिमी
- बंगापानी: 110 मिमी
- डीडीहाट: 84 मिमी
- धारचूला: 54 मिमी
- बेरीनाग: 50 मिमी
- देवलथल: 41 मिमी
- कनालीछीना: 36.4 मिमी
- गणाई गंगोली: 20.5 मिमी
- गंगोलीहाट: 18 मिमी
- मुनस्यारी: 12.6 मिमी
- पिथौरागढ़ (मुख्य): 11.6 मिमी
🔴 भूस्खलन से भारी नुकसान, मलबे में दबे मवेशी
मूसलाधार बारिश के चलते थल-चौकोड़ी मार्ग पर कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ है, जिससे दर्जनों विशालकाय पेड़ उखड़कर सड़कों पर आ गिरे। पेड़ों के गिरने से सड़क सुरक्षा के लिए लगाए गए क्रैश बैरियर भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
🔴 नायल सपोली गांव में हाहाकार
थल क्षेत्र के नायल सपोली गांव में भूस्खलन के कारण नारायण राम नामक ग्रामीण के मकान की दीवार ढह गई। दीवार गिरने से उसकी गौशाला में बंधे मवेशी मलबे के नीचे दब गए। आपदा के बीच पीड़ित परिवार ने पूरी रात जागकर बिताई और टॉर्च की रोशनी में भारी पत्थरों को हटाकर घायल मवेशियों को सुरक्षित बाहर निकाला।
🔴 जिले के अवरुद्ध प्रमुख 20 मार्ग
मलबा आने से जिले की लाइफलाइन मानी जाने वाली मुख्य सड़कें पूरी तरह ठप हैं। बंद पड़े प्रमुख मार्गों में निम्नलिखित शामिल हैं:
धारचूला-तवाघाट, थल-मुनस्यारी, थल-डीडीहाट, उडियारीबैंड-थल, सातशिलिंग-थल, थल-पांखू, देवीसूना-खेतारकन्याल गराली, डीडीहाट-आदिचौरा खूना, डीडीहाट-दूनाकोट, तवाघाट-ठानीधार, ड्योड़ा-बारमों, एलागाड़-जुम्मा, सोबला-उमचिया, कालिका-खुमती, बंगापानी-जारा जिबली, घट्टाबगड़-तांकुल, होकरा-नामिक, बांसबगड़-कोटा, नाचनी-भैंसकोट तथा डीडीहाट-आदिचौरा सीणी चामा मोटर मार्ग।
🟢 प्रशासनिक मुस्तैदी और राहत कार्य
सड़कों पर फंसे यात्रियों को सुरक्षित निकालने और मलबे को हटाने के लिए लोक निर्माण विभाग और सीमा सड़क संगठन (BRO) की जेसीबी मशीनों को तैनात किया गया है।
“बारिश से बंद हुई सड़कों को खोलने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है और शीघ्र ही सभी मुख्य रूटों पर यातायात बहाल कर दिया जाएगा। जिन क्षेत्रों से भी नुकसान की सूचना मिल रही है, वहां राजस्व विभाग की टीमों को तुरंत रवाना किया गया है। नुकसान का सटीक आकलन किया जा रहा है।”- भूपेंद्र सिंह महर, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी, पिथौरागढ़
