उत्तराखंड में आज मतदाता सूची का ड्राफ्ट होगा जारी, SIR प्रपत्र न भरने वाले 8.41 लाख वोटर सूची से होंगे बाहर,,,,

देहरादून। उत्तराखंड में मतदाता सूची के वृहद पुनरीक्षण कार्यक्रम के बाद मतदाता सूची का बहुप्रतीक्षित ड्राफ्ट आज मंगलवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय द्वारा जारी किया जा रहा है। चुनाव आयोग द्वारा चलाई गई एसआईआर (SIR) प्रपत्र भरने की प्रक्रिया के बाद राज्य के मतदाता ढांचे में बड़ा बदलाव आया है। समय पर एसआईआर प्रपत्र जमा न करने वाले 8.41 लाख मतदाताओं को ‘अनकलेक्टेबल’ (असंपर्कित) श्रेणी में मानते हुए सूची से बाहर कर दिया गया है। इसके चलते अब राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या लगभग 79 लाख से घटकर करीब 71 लाख रह गई है।
🟢 वेबसाइट और दफ्तरों में ऐसे चेक करें अपना नाम
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर ड्राफ्ट वोटर लिस्ट अपलोड कर दी गई है। इसके अलावा मतदाता भौतिक रूप से भी अपना नाम चेक कर सकते हैं:
- ऑनलाइन माध्यम: मतदाता आधिकारिक वेबसाइट ceo.uk.gov.in पर जाकर अपने वोटर आईडी के इपिक (EPIC) नंबर की मदद से अपना नाम खोज सकते हैं।
- ऑफलाइन माध्यम: अपने क्षेत्र के बीएलओ (BLO), जिला निर्वाचन अधिकारी, तहसीलदार या एसडीएम (SDM) कार्यालय में जाकर भी ड्राफ्ट सूची में अपना नाम देखा जा सकता है।
“मंगलवार से संशोधित मतदाता सूची आम जनता के लिए उपलब्ध हो जाएगी। जिन मतदाताओं का नाम सूची में मौजूद है, उनका वोट पूरी तरह सुरक्षित है। हालांकि, विसंगतियों को लेकर नोटिस और उनकी सुनवाई की प्रक्रिया भी आज से ही शुरू की जा रही है।” — मस्तू दास, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी
🟢 सूची से बाहर हुए मतदाताओं को अब भरना होगा ‘फॉर्म-6’
जिन मतदाताओं के पास समय पर फॉर्म न मिलने या किसी अन्य कारण से एसआईआर प्रपत्र नहीं भरा जा सका और बीएलओ द्वारा उन्हें अनकलेक्टेबल घोषित कर दिया गया, उनके नाम इस नई सूची में शामिल नहीं हैं।
ऐसे मतदाताओं के लिए चुनाव आयोग ने नाम दोबारा जुड़वाने का विकल्प दिया है:
- उन्हें नए सिरे से फॉर्म-6 (नया मतदाता बनने का आवेदन) भरना होगा।
- फॉर्म-6 के साथ ही उन्हें पूर्व की भांति एक घोषणा पत्र (Declaration Form) भी सबमिट करना होगा, जिसके बाद ही उनका वोट दोबारा बन सकेगा।
🔴 18 लाख मतदाताओं को आएंगे विसंगति के नोटिस, बीएलओ से रहें संपर्क में
ड्राफ्ट सूची जारी होने के साथ ही राज्य के एक बड़े वर्ग के लिए विसंगति सुधार की प्रक्रिया भी शुरू हो रही है। प्रदेश के करीब 18 लाख मतदाता ऐसे पाए गए हैं, जिनके एसआईआर प्रपत्र में दर्ज नाम, उम्र या पते से संबंधित जानकारियां आपस में मेल नहीं खा रही हैं।
- कैसे मिलेगा नोटिस: यह नोटिस संबंधित बीएलओ के माध्यम से सीधे मतदाताओं के घरों तक पहुंचाया जाएगा।
- क्या करना होगा: मतदाताओं को नोटिस मिलने पर अपने सही दस्तावेजों (आयु व निवास प्रमाण पत्र) के साथ इसका जवाब दाखिल करना होगा। आयोग ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे इस संबंध में अपने क्षेत्र के बीएलओ से लगातार संपर्क बनाए रखें।
