उत्तराखंड हरिद्वार जिला योजना समिति के अनंतिम परिसीमन पर आपत्ति दर्ज करने की तिथि 11 जुलाई तक बढ़ी, 13 को होगा अंतिम प्रकाशन,,,,

हरिद्वार। उत्तराखंड में जिला योजना समितियों के गठन को लेकर चल रही परिसीमन प्रक्रिया के तहत शासन ने एक बड़ा निर्णय लिया है। मुख्य विकास अधिकारी (CDO) एवं जिला पंचायत राज अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र ने जानकारी दी है कि जिला योजना समिति के प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों के अनंतिम परिसीमन पर आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तिथि को आंशिक संशोधन के बाद अब 11 जुलाई, 2026 तक बढ़ा दिया गया है।
🟢 अधिनियमों के तहत किया गया है परिसीमन
डॉ. ललित नारायण मिश्र ने बताया कि पंचायतीराज विभाग की 1 जुलाई, 2026 की अधिसूचना के तहत यह कार्रवाई की जा रही है। इसके अंतर्गत:
- उत्तराखंड जिला योजना समिति अधिनियम, 2007 (यथासंशोधित)
- उत्तराखंड जिला योजना समिति (संशोधन) अधिनियम, 2018 की धारा-4
- उत्तराखंड जिला योजना समिति नियमावली, 2010 (यथासंशोधित)
उपरोक्त प्रावधानों के आधार पर राज्य के सभी जनपदों में जिला योजना समितियों के गठन के लिए ग्रामीण व नगरीय क्षेत्रों तथा नामित सदस्यों की संख्या का अनंतिम निर्धारण (परिसीमन) किया गया है।
🟢 संशोधित कार्यक्रम की महत्वपूर्ण तिथियां
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आपत्तियां आमंत्रित करने की प्रक्रिया 2 जुलाई, 2026 से शुरू हुई थी, जिसमें अब शासन स्तर से संशोधन किया गया है। नया शेड्यूल इस प्रकार है:
|
विवरण |
निर्धारित तिथि |
|---|---|
|
आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तिथि |
11 जुलाई, 2026 |
|
जिलाधिकारी द्वारा आपत्तियों पर सुनवाई |
12 जुलाई, 2026 |
|
शासन स्तर से अंतिम परिसीमन का प्रकाशन |
13 जुलाई, 2026 |
🟢 12 को होगी सुनवाई, 13 को फाइनल रिपोर्ट
सीडीओ डॉ. मिश्र ने स्पष्ट किया कि 11 जुलाई तक प्राप्त होने वाली सभी आपत्तियों पर 12 जुलाई, 2026 को जिलाधिकारी (DM) द्वारा विस्तृत सुनवाई की जाएगी। सुनवाई पूरी होने के बाद जिलाधिकारी द्वारा शासन को अपनी अंतिम आख्या (रिपोर्ट) प्रेषित की जाएगी। इसके बाद आगामी 13 जुलाई, 2026 को शासन स्तर से प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों का अंतिम परिसीमन कर उसका विधिवत प्रकाशन कर दिया जाएगा।
मुख्य विकास अधिकारी ने जिले के सभी संबंधित हितधारकों से अपील की है कि यदि उन्हें इस परिसीमन पर कोई आपत्ति है, तो वे निर्धारित समयावधि (11 जुलाई) के भीतर अपनी आपत्तियां अनिवार्य रूप से दर्ज करा लें।
