उत्तराखंड धामी कैबिनेट के बड़े फैसले, मदरसा बोर्ड का बजट होगा बंद, रिवर राफ्टिंग के बदले नियम और युवाओं को विदेश में रोजगार,,,

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार को आयोजित उत्तराखंड कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक में राज्यहित से जुड़े कई बड़े प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। कैबिनेट ने पर्यटन, शिक्षा, रोजगार, सहकारिता, भूमि अधिकार और वित्तीय प्रशासन से जुड़े कुल 11 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी है। इस बैठक का सबसे बड़ा और चर्चा में रहने वाला फैसला मदरसा बोर्ड के बजट को लेकर लिया गया, जिसके तहत वित्तीय वर्ष 2027-28 से इसके बजट की मद को पूरी तरह समाप्त करने का निर्णय लिया गया है।
कैबिनेट द्वारा लिए गए प्रमुख फैसले और उनके प्रभाव नीचे विस्तार से दिए गए हैं:
1. पर्यटन और सुरक्षा: रिवर राफ्टिंग नियमावली में संशोधन
उत्तराखंड में एडवेंचर टूरिज्म (साहसिक पर्यटन) को बढ़ावा देने और राज्य में आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए कैबिनेट ने ‘उत्तराखंड रिवर राफ्टिंग/कयाकिंग संशोधन नियमावली-2026’ को मंजूरी दे दी है। इसके तहत अब सुरक्षा मानकों को और कड़ा किया जाएगा।
2. शिक्षा और तकनीकी विकास के लिए भूमि आवंटन
- नन्ही परी संस्थान: पिथौरागढ़ स्थित इस संस्थान के विस्तार के लिए सरकार ने लगभग 3 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है।
- इंजीनियरिंग कॉलेज: तकनीकी विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग कॉलेज को सुदृढ़ करने के लिए 14.857 हेक्टेयर भूमि तकनीकी शिक्षा विभाग के नाम हस्तांतरित करने का निर्णय लिया गया।
3. रोजगार और कर्मचारियों को बड़ी सौगात
- विदेश में रोजगार: सहसपुर स्थित विदेश रोजगार प्रकोष्ठ के सफल संचालन के लिए 7 नए पदों को मंजूरी दी गई है। साथ ही अलग-अलग विभागों में बेहतर तालमेल के लिए एक प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (PMU) का गठन किया जाएगा।
- 7वां वेतन आयोग: उत्तराखंड राज्य भंडारण निगम के 68 नियमित कर्मचारियों के लिए लंबे समय से चल रही मांग को पूरा करते हुए 7वें वेतन आयोग का लाभ देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है।
4. स्कूली बच्चों के लिए ‘अक्षय पात्र’ की एंट्री
प्रधानमंत्री पोषण (मिड-डे मील) योजना के तहत अब श्रीनगर क्षेत्र में अक्षय पात्र फाउंडेशन की एंट्री हो गई है। यह फाउंडेशन अब क्षेत्र के स्कूलों में कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को आधुनिक और स्वच्छ तरीके से पका-पकाया पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराएगा।
5. वित्तीय प्रशासन और कुंभ मेला ऑडिट
- कुंभ मेला ऑडिट: आगामी कुंभ मेले के आय-व्यय के ऑडिट कार्य को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए सरकार ने वरिष्ठ लेखाधिकारी और अधिशासी अभियंता का एक-एक (कुल दो) नया पद सृजित किया है।
- ऑडिट प्रकोष्ठ: ऑडिट विंग को मजबूत करने के लिए दो नए पद सृजित किए गए हैं और दो पुराने पदों के ढांचे में बदलाव किया गया है।
- पदोन्नति नियम: वित्त विभाग में लेखाकार और अन्य पदों पर प्रमोशन के नियमों में संशोधन किया गया है, जिसके तहत अब पदोन्नति ज्येष्ठता (सीनियरिटी) के आधार पर तय होगी।
6. भूमि अधिकारों के लिए बनेगी उच्च स्तरीय समिति
बापूग्राम, बिंदुखत्ता और 54 बग्गा क्षेत्र के निवासियों के लंबे समय से लंबित भूमि अधिकारों के मामले को सुलझाने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक विशेष समिति का गठन किया जाएगा। यह समिति कानूनी पहलुओं को ध्यान में रखकर अपनी रिपोर्ट और ठोस प्रस्ताव तैयार करेगी, जिसे अंतिम मंजूरी के लिए केंद्र सरकार को भेजा जाएगा।
🟢 कैबिनेट का सबसे बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक फैसला
वित्तीय वर्ष 2027-28 से उत्तराखंड मदरसा बोर्ड के बजट की मद को पूरी तरह समाप्त करने का निर्णय लिया गया है। सरकार के इस कदम के बाद राज्य के राजनीतिक और सामाजिक हलकों में नई बहस छिड़नी तय मानी जा रही है।
कैबिनेट के इन फैसलों से जहां एक ओर सरकारी कार्यप्रणाली, वित्तीय अनुशासन और पर्यटन सुरक्षा को मजबूती मिलेगी, वहीं दूसरी ओर युवाओं के लिए विदेशों में रोजगार की राह आसान होगी। हालांकि, मदरसा बोर्ड के बजट और भूमि अधिकारों जैसे संवेदनशील मुद्दों पर लिए गए फैसले आने वाले दिनों में राज्य की सियासत का केंद्र बने रह सकते हैं।
