उत्तराखण्ड पूर्व विधायक संगठन की वार्षिक आमसभा संपन्न, पूर्व विधायकों के हितों और सम्मान की रक्षा के लिए 5 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर लगी मुहर,,,

देहरादून। उत्तराखण्ड पूर्व विधायक संगठन की वार्षिक आमसभा का भव्य आयोजन आज राजधानी देहरादून में संपन्न हुआ। इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रदेश भर से आए संगठन के पदाधिकारियों एवं पूर्व विधायकों ने भारी संख्या में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और पूर्व जनप्रतिनिधियों के अधिकारों व सम्मान से जुड़े विभिन्न नीतिगत मुद्दों पर गंभीर मंथन किया।
बैठक की अध्यक्षता संगठन के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ नेता श्री लाखीराम जोशी ने की, जबकि कार्यक्रम का कुशल संचालन श्री केदार सिंह रावत द्वारा किया गया। आमसभा का शुभारंभ करते हुए अध्यक्ष श्री लाखीराम जोशी ने सभी आगंतुक सदस्यों का आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने अपने संबोधन में रेखांकित किया कि उत्तराखण्ड में पूर्व विधायक संगठन का गठन एक ऐतिहासिक और दूरगामी कदम है, जो लोकतंत्र के प्रहरी रहे पूर्व जनप्रतिनिधियों को एक सशक्त मंच प्रदान करता है।

🟢प्रमुख प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा एवं सर्वसम्मति से अनुमोदन
बैठक के दौरान पूर्व विधायकों के हितों व सुविधाओं से संबंधित 05 मुख्य बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। गहन विचार-विमर्श के उपरांत सदन द्वारा सभी प्रस्तावों को सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया और शासन स्तर पर आगे की कार्यवाही बढ़ाने हेतु सहमति दी गई:
- राजकीय विश्राम गृहों में अधिकार: लोक निर्माण विभाग (PWD) सहित राज्य के अन्य सभी शासकीय विश्राम गृहों की अतिथि सूची में पूर्व विधायकों का नाम पुनः ससम्मान सम्मिलित किया जाए, ताकि उन्हें प्रवास के दौरान सुगमता हो।
- दिल्ली उत्तराखण्ड निवास के किराए में विसंगति: नई दिल्ली स्थित ‘उत्तराखण्ड निवास’ में वर्तमान विधायकों के लिए कमरा किराया ₹1500/- निर्धारित है, जबकि पूर्व विधायकों से ₹3750/- लिया जा रहा है। इस विसंगति को दूर कर पूर्व विधायकों का किराया भी वर्तमान विधायकों के समान किया जाए।
- गोल्डन कार्ड योजना लागू करने की मांग: दो वर्ष पूर्व उत्तराखण्ड विधानसभा द्वारा विधायकों एवं पूर्व विधायकों के स्वास्थ्य लाभ हेतु ‘गोल्डन कार्ड’ जारी करने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया था, जो कि पिछले एक वर्ष से शासन स्तर पर लंबित है। संगठन ने इसे बिना किसी विलंब के शीघ्र लागू करने की पुरजोर मांग की है।
- आन्दोलनकारी सम्मान राशि में संशोधन: उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलनकारियों को दी जा रही सम्मान राशि को वर्तमान में “पेंशन” का नाम दिए जाने के कारण तकनीकी तौर पर पूर्व विधायक इस महत्वपूर्ण सुविधा से वंचित रह जा रहे हैं। बैठक में प्रस्ताव पारित कर मांग की गई कि इसका नाम बदलकर पुनः “सम्मान राशि” किया जाए, जिससे पात्र पूर्व विधायकों को भी इसका लाभ मिल सके।
- बस यात्रा सुविधा का विस्तार: वर्तमान में पूर्व विधायकों के लिए उत्तराखण्ड परिवहन निगम की केवल साधारण बसों में ही निःशुल्क यात्रा की सुविधा अनुमन्य है। संगठन ने मांग की है कि इस दायरे को बढ़ाते हुए वॉल्वो (Volvo) सहित निगम की सभी वातानुकूलित और सरकारी बसों में भी यह सुविधा पूर्ण रूप से लागू की जाए।

🟢 एकजुटता का संकल्प
बैठक के समापन सत्र में उपस्थित सभी पूर्व विधायकों और पदाधिकारियों ने संगठन की मजबूती के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया। सभी सदस्यों ने एक स्वर में कहा कि पूर्व विधायकों के सम्मान, अधिकारों और न्यायसंगत हितों की रक्षा हेतु पूरा संगठन एकजुट होकर लोकतांत्रिक ढंग से अपनी आवाज बुलंद करता रहेगा।
