उत्तराखंड IFS संजीव चतुर्वेदी की लोकपाल में नियुक्ति प्रक्रिया तेज, CJP ने जताया समर्थन,,,

देहरादून: उत्तराखंड कैडर के चर्चित और ईमानदारी के लिए जाने जाने वाले भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारी संजीव चतुर्वेदी की लोकपाल (Lokpal of India) में प्रतिनियुक्ति की राह आसान हो गई है। उत्तराखंड सरकार ने उन्हें संयुक्त सचिव पद पर प्रतिनियुक्ति के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) दे दिया है, जिसके बाद अब इस मामले ने राजनीतिक और सामाजिक रूप से भी तूल पकड़ लिया है।
🟢 राज्य सरकार ने दी NOC, अंतिम फैसला लोकपाल के हाथ
संजीव चतुर्वेदी ने लोकपाल सचिवालय द्वारा जारी संयुक्त सचिव पद के विज्ञापन के तहत आवेदन किया था। हाल ही में उत्तराखंड शासन ने औपचारिकताएं पूरी करते हुए लोकपाल को अपनी लिखित सहमति भेज दी है। अब चयन प्रक्रिया और अंतिम नियुक्ति का फैसला पूरी तरह से लोकपाल सचिवालय के अधीन है।
🟢 कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने किया फैसले का स्वागत
इस प्रशासनिक कदम के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सोशल मीडिया पर खुलकर संजीव चतुर्वेदी का समर्थन किया है। पार्टी ने सरकार के इस फैसले को भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में एक बड़ा और सकारात्मक कदम बताया है। CJP ने कहा कि प्रशासनिक दबावों के आगे न झुकने वाले और एम्स (AIIMS) समेत कई बड़े मामलों में अनियमितताओं को उजागर करने वाले ऐसे अधिकारी की लोकपाल में मौजूदगी से देश में पारदर्शिता और जवाबदेही को बल मिलेगा।
🟢 कौन हैं संजीव चतुर्वेदी?
- कैडर: उत्तराखंड कैडर के वरिष्ठ भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारी।
- पहचान: अपनी सख्त कार्यशैली, ईमानदारी और भ्रष्टाचार विरोधी छवि के लिए देश भर में चर्चित।
- प्रमुख कार्य: दिल्ली एम्स (AIIMS) में विजिलेंस ऑफिसर रहते हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाईयों को लेकर यह राष्ट्रीय सुर्खियों में आए थे।
प्रशासनिक और सामाजिक संगठनों की नजरें अब लोकपाल सचिवालय के अंतिम फैसले पर टिकी हैं कि क्या वे संजीव चतुर्वेदी को इस महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी सौंपते हैं।
