उत्तराखंड कॉर्बेट के बाद अब रामनगर वन प्रभाग में भी बढ़ी गाइड फीस, सीतावनी सहित तीन पर्यटन जोनों में सफारी हुई महंगी,,,,

रामनगर: उत्तराखंड के प्रसिद्ध वन्यजीव पर्यटन क्षेत्रों में घूमना अब पर्यटकों की जेब पर थोड़ा और भारी पड़ने वाला है। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की तर्ज पर अब वन विभाग ने रामनगर वन प्रभाग के अधीन आने वाले तीन प्रमुख पर्यटन जोनों में नेचर गाइड के शुल्क में बढ़ोतरी कर दी है। विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं।
किन पर्यटन जोनों पर पड़ेगा असर?
यह बढ़ोतरी रामनगर वन प्रभाग के तहत आने वाले निम्नलिखित तीन प्रसिद्ध हेरिटेज पर्यटन जोनों में की गई है:
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- सीतावनी पर्यटन जोन
- भंडारपानी पर्यटन जोन
- कालाढूंगी हेरिटेज पर्यटन जोन
सफारी का नियम: इन जोनों में वन्यजीव नियमों के पालन और पर्यटकों की सुरक्षा के लिए वन विभाग के पंजीकृत नेचर गाइड को साथ ले जाना अनिवार्य होता है। वर्तमान में इन क्षेत्रों में सुबह और शाम के समय 60-60 जिप्सियों के जरिए पर्यटक डे-सफारी का आनंद लेते हैं।
🟢 कितना हुआ शुल्क और क्यों लिया गया फैसला?
रामनगर वन प्रभाग के अधिकारियों के अनुसार, पूर्व में पर्यटकों को नेचर गाइड के लिए ₹900 का शुल्क देना होता था। हाल ही में कॉर्बेट नेशनल पार्क में गाइड फीस में ₹100 की वृद्धि किए जाने के बाद, रामनगर वन प्रभाग के गाइड भी लंबे समय से मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे थे।
गाइडों की मांग को जायज मानते हुए प्रशासन ने यह कदम उठाया है,,,
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विवरण |
पुराना शुल्क |
नया शुल्क |
कुल बढ़ोतरी |
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नेचर गाइड फीस |
₹900 |
₹1000 |
₹100 |
अधिकारियों का वक्तव्य
रामनगर के प्रभागीय वनाधिकारी (DFO) ध्रुव सिंह मर्तोलिया ने वन संरक्षक पश्चिमी वृत्त से अनुमोदन मिलने के बाद इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी किया।
मामले की पुष्टि करते हुए उप प्रभागीय वनाधिकारी अंकित बडोला ने बताया:
“पहले पर्यटकों को गाइड शुल्क के रूप में 900 रुपये का भुगतान करना पड़ता था, जिसमें अब 100 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। अब नया शुल्क 1,000 रुपये निर्धारित किया गया है। इस व्यवस्था को सुचारू रूप से लागू करने के लिए संबंधित पर्यटन जोनों के गेट प्रभारियों को लिखित निर्देश जारी कर दिए गए हैं।”
