उत्तराखंड स्मार्ट मीटर लगते ही उपभोक्ता को लगा ‘बिजली का झटका’, 24 घंटे में आया 3 लाख रुपये का बिल, लोगों में आक्रोश,,,

हल्द्वानी। उत्तराखंड के हल्द्वानी में स्मार्ट मीटर योजना की शुरुआत के साथ ही एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ के सुभाष नगर क्षेत्र में एक उपभोक्ता के घर स्मार्ट मीटर लगने के महज़ 24 घंटे के भीतर ही तीन लाख रुपये से अधिक का बिजली बिल आ गया। इस भारी-भरकम बिल को देखकर उपभोक्ता और उनके परिजनों के होश उड़ गए। इस घटना के बाद स्थानीय निवासियों में ऊर्जा निगम के खिलाफ भारी आक्रोश है।
🔴 क्या है पूरा मामला?
सुभाष नगर निवासी जसबीर कौर के घर पर सोमवार को ऊर्जा निगम की टीम ने नया स्मार्ट मीटर स्थापित किया था। लेकिन मंगलवार को जब उन्हें बिजली का बिल मिला, तो उसमें 3 लाख रुपये से अधिक का बकाया दर्शाया गया था। एक ही दिन में इतना बड़ा बिल आने से परिवार में खलबली मच गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जसबीर कौर के बेटे गुरविंदर सिंह तुरंत बिल की प्रति लेकर सुभाष नगर स्थित एसडीओ (SDO) कार्यालय पहुंचे और लिखित शिकायत दर्ज कराई।
🔴 जांच में खुली पोल, ₹3 लाख का बिल हुआ ₹2600
शिकायत को संज्ञान में लेते हुए एसडीओ यू.के. भास्कर ने तत्काल मामले की जांच के आदेश दिए। विभागीय जांच में सामने आया कि यह भारी-भरकम बिल किसी तकनीकी खामी की वजह से जेनरेट हुआ था।
एसडीओ यू.के. भास्कर ने बताया: “पुराने रिकॉर्ड के समायोजन (सिंक) के दौरान हुई तकनीकी गलती के कारण बिल की राशि इतनी अधिक दिखाई दे रही थी। त्रुटि को सुधारते हुए बिल का संशोधन कर दिया गया है और उपभोक्ता को उनका वास्तविक 2,600 रुपये का बिल जारी कर दिया गया है।”
🔴 जनता में भारी आक्रोश, टीम को काम करने से रोका
भले ही विभाग ने बिल में सुधार कर दिया हो, लेकिन इस घटना से क्षेत्र के लोग बेहद नाराज हैं। स्मार्ट मीटर में आई इस बड़ी गड़बड़ी से गुस्साए स्थानीय निवासियों ने सुभाष नगर में स्मार्ट मीटर लगाने पहुंची ऊर्जा निगम की टीम का पुरजोर विरोध किया और उन्हें काम करने से रोक दिया।
🔴 स्मार्ट मीटर न लगवाने पर काटा कनेक्शन
इसी बीच सुभाष नगर से ही एक और विवादित मामला सामने आया, जहाँ मंगलवार को एक उपभोक्ता द्वारा पुराना मीटर हटाकर स्मार्ट मीटर लगवाने से मना करने पर विभाग ने उनका बिजली कनेक्शन काट दिया।
इस कार्रवाई पर सफाई देते हुए एसडीओ यू.के. भास्कर ने कहा कि किसी भी उपभोक्ता का कनेक्शन सीधे नहीं काटा जाता है। विभाग द्वारा पहले उपभोक्ता को नोटिस देकर पर्याप्त समय दिया जाता है। इसके बावजूद यदि कोई स्मार्ट मीटर लगाने में सहयोग नहीं करता है, तो नियमानुसार ही कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जाती है।
