”मौसम अपडेट” देश के 19 राज्यों के लिए विभाग ने जारी किया अलर्ट, उत्तराखंड समेत देश के कई हिस्सों में भारी बारिश, तेज आंधी और वज्रपात की चेतावनी,,,,

देहरादून। देशभर में मौसम का मिजाज एक बार फिर तेजी से बदलने जा रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज, 16 जून 2026 के लिए देश के 19 राज्यों में भारी बारिश, तेज आंधी और गरज-चमक का बड़ा अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस दौरान कई मैदानी और पर्वतीय इलाकों में 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी हवाएं चल सकती हैं, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। खतरे को देखते हुए प्रशासन और मौसम विभाग ने किसानों, मछुआरों और पर्यटकों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है।
🔴 इन 19 राज्यों में आंधी-तूफान और बारिश का संकट
आईएमडी की रिपोर्ट के अनुसार, आज उत्तर भारत से लेकर दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में मौसम खराब रहेगा। अलर्ट के दायरे में आने वाले राज्यों में शामिल हैं:
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- उत्तर व मध्य भारत: दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और मध्य प्रदेश।
- पूर्वी व पूर्वोत्तर भारत: बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा, छत्तीसगढ़, असम और मेघालय।
- दक्षिण भारत: केरल और तमिलनाडु।
विशेष नोट: पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश की संभावना है, जबकि उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में तेज अंधड़ (धूलभरी आंधी) परेशानी बढ़ा सकती है।
🔴 उत्तराखंड में मौसम का हाल, पर्वतीय जिलों में भूस्खलन का खतरा
देवभूमि उत्तराखंड में भी आज मौसम का कड़ा रुख देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने राज्य के सभी जिलों के लिए सतर्कता बरतने को कहा है:
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- हल्की से मध्यम बारिश: उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जैसे उच्च हिमालयी जिलों में गर्जन के साथ तेज बौछारें पड़ सकती हैं। उच्च अक्षांश वाले क्षेत्रों में भूस्खलन (Landslide) के कारण मार्ग बाधित होने की भी आशंका है।
- तेज हवाएं और बौछारें: राजधानी देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, टिहरी, पौड़ी, अल्मोड़ा, चंपावत और ऊधमसिंह नगर में आसमान में बादल छाए रहेंगे और तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश हो सकती है।
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🔴 90 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, वज्रपात की चेतावनी
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आंधी की रफ्तार 80 से 90 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इतनी तेज गति की हवाओं के कारण कच्चे मकानों, पेड़ों और बिजली के खंभों को नुकसान पहुंच सकता है, जिससे बिजली आपूर्ति ठप होने की आशंका है। इसके साथ ही कई राज्यों में आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने का भी गंभीर खतरा जताया गया है।
🟢 आम जनता और यात्रियों के लिए मौसम विभाग की गाइडलाइन (Advised Precautions)
मौसम के इस बड़े यू-टर्न को देखते हुए प्रशासन ने नागरिकों से निम्नलिखित सावधानियां बरतने की अपील की है:
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- यात्रा से बचें: पहाड़ी क्षेत्रों (विशेषकर चारधाम रूट) पर यात्रा करने वाले श्रद्धालु और पर्यटक निकलने से पहले स्थानीय मौसम और सड़कों की स्थिति की जानकारी जरूर लें।
- सुरक्षित स्थानों पर रहें: बिजली कड़कने के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास खड़े न हों। पक्के मकानों में शरण लें।
- किसानों के लिए सलाह: किसान अपनी कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाएं और कृषि उपकरणों को खुले में रखने से बचें।
