उत्तराखंड रुड़की की बेटी काजल सैनी बनीं SDM, साधारण ग्रामीण परिवेश से तय किया सफलता का यह सफर,,,,,

रुड़की। (झबरेड़ा क्षेत्र) की रहने वाली काजल सैनी ने हाल ही में घोषित हुए उत्तराखंड पीसीएस (UKPSC) परीक्षा के परिणाम में शानदार सफलता हासिल की है और उनका चयन SDM (Sub Divisional Magistrate) के पद पर हुआ है।
उनकी इस बड़ी उपलब्धि और उनके संघर्ष से जुड़ी कुछ मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:

पारिवारिक और व्यक्तिगत पृष्ठभूमि
- मूल निवासी: वह हरिद्वार जिले के रुड़की (झबरेड़ा कस्बा क्षेत्र) के साढ़ौली (सढौली) गांव की रहने वाली हैं।
- साधारण परिवार: काजल एक बहुत ही साधारण ग्रामीण परिवेश से आती हैं। उनके पिता (रामकुमार सैनी) गांव में खेती-किसानी के साथ-साथ चिकित्सा सेवा से जुड़े हैं और उनकी माता (राजदुलारी) एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता हैं।
- शिक्षा: उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई राजीव गांधी नवोदय विद्यालय, शिकारपुर (लंढौरा) से की। इसके बाद उन्होंने गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय, हरिद्वार से BAMS (Bachelor of Ayurvedic Medicine and Surgery) की डिग्री पूरी की।
संघर्ष और सफलता का सफर
- सचिवालय में सेवा: प्रशासनिक सेवा में आने से पहले, उन्होंने वर्ष 2025 में ‘सहायक समीक्षा अधिकारी’ (ARO) की परीक्षा पास की थी और वह उत्तराखंड सचिवालय (देहरादून) में अपनी सेवाएं दे रही थीं।
- सेल्फ स्टडी और लगन: नौकरी करने के साथ-साथ उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी। उन्होंने कोचिंग के बजाय खुद की मेहनत (Self-Study) और लगन के दम पर पीसीएस परीक्षा में यह बड़ी रैंक हासिल की।
- प्रेरणा: काजल बताती हैं कि उनके माता-पिता ने समाज की रूढ़ियों से अलग हटकर उनकी शादी के बजाय हमेशा उनकी पढ़ाई को प्राथमिकता दी, जिसके कारण आज वह इस मुकाम पर पहुंच सकी हैं।
उनकी इस कामयाबी से पूरे रुड़की और झबरेड़ा क्षेत्र में खुशी का माहौल है और वह क्षेत्र के युवाओं और बेटियों के लिए एक बड़ी मिसाल बनकर उभरी हैं।
