उत्तराखंड विश्व धरोहर ‘फूलों की घाटी’ 1 जून से पर्यटकों के लिए खुलेगी, दो दर्जन से अधिक प्रजातियां अभी से गुलजार,,,,,

चमोली। विश्व प्रसिद्ध धरोहर और प्राकृतिक सौंदर्य का बेजोड़ नमूना ‘फूलों की घाटी’ (Valley of Flowers) आगामी 1 जून से देश-विदेश के पर्यटकों के लिए अधिकारिक तौर पर खुलने जा रही है। इस बार खास बात यह है कि घाटी खुलने से पहले ही रंग-बिरंगे फूलों से महकने लगी है, जिससे शुरुआती दौर में आने वाले पर्यटकों को भी एक शानदार अनुभव मिलेगा।
🟢 वन विभाग की टीम ने किया निरीक्षण
घाटी को पर्यटकों के लिए खोले जाने की तैयारियों का जायजा लेने गई वन विभाग की एक विशेष टीम अपना निरीक्षण पूरा कर वापस लौट आई है। वन क्षेत्राधिकारी चेतना कांडपाल के नेतृत्व में गई इस टीम के अनुसार, घाटी में सुरक्षा और रास्तों से जुड़ी सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
🟢 दो दर्जन से अधिक प्रजातियां अभी से खिलीं
वन क्षेत्राधिकारी ने बताया कि घाटी में फूलों के खिलने का सिलसिला शुरू हो चुका है। वर्तमान में यहाँ दो दर्जन से अधिक दुर्लभ प्रजाति के फूल अपनी छटा बिखेर रहे हैं। शुरुआती दौर में खिलने वाले मुख्य फूलों में शामिल हैं:
- कोरिउलिस काशमीरियाना (Corydalis kashmeriana)
- हैबेनेरिया पेक्टिनाटा (Habenaria pectinata)
- अरिसेमा प्रोपिनक्वम (Arisaema propinquum)
- राजा मैक्रोफिला, रोजा सेरसिया, थमोप्सिस बारबाटा
- जिम्नाडेनिया, आर्किडिस, सिरिगा इमोडी, प्रिमुला, एंडोसे और लैनुगिनोमा
🟢 जुलाई-अगस्त में चरम पर होगा सौंदर्य
मुख्य आकर्षण: वन विभाग के मुताबिक, फूलों की घाटी में असली रौनक जुलाई और अगस्त के महीनों में देखने को मिलती है। इस दौरान यहाँ करीब 300 से अधिक विभिन्न प्रजातियों के फूल एक साथ खिलते हैं, जो पूरी घाटी को किसी जन्नत जैसी रंगीन कालीन में तब्दील कर देते हैं।
प्रशासन की ओर से ट्रैक रूट को सुगम और सुरक्षित बना दिया गया है, ताकि 1 जून को पहुँचने वाले पहले बैच के पर्यटकों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। पर्यावरण प्रेमियों और ट्रैकर्स के लिए यह सीजन बेहद खास होने की उम्मीद है।
